टमाटर

टमाटर और प्याज समेत खाद्य पदार्थो की बेतहासा बढ़ती कीमतों को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं, परंतु लोग भूल रहे हैं कि कुल मिलाकर कृषि उत्पादों का आयात-निर्यात उपभोक्ताओं के हित में है। देश में खाद्य तेल और दाल की उत्पादन लागत ज्यादा आती है। इनका भारी मात्र में आयात हो रहा है, जिनके कारण इनके दाम नियंत्रण में हैं। यदि हम विश्व बाजार से जुड़ते हैं तो हमें टमाटर, प्याज के दाम ज्यादा देने होंगे, जबकि तेल और दाल में राहत मिलेगी। मेरी समझ से उपभोक्ता के लिए तेल और दाल ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अत: टमाटर और प्याज के ऊंचे दाम को वहन करना चाहिए।

देशभर में मिलावटी खाद्य सामग्री का धड़्ल्ले से उपयोग हो रहा है। थोड़े से फायदे के लिए मिलावट खोर ऐसे ऐसे कार्यों को अंजाम दे रहे हैं जो उपभोक्ता के न केवल जेब पर भारी पड़ रहा है बल्कि स्वास्थ संबंधी जटिलताएं भी पैदा कर रहा है। जबकि इसे रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी घोड़े बेचकर सो रहे हैं। इसी मुद्दे पर आधारित कार्टूनिस्ट पवन का यह कार्टून व्यस्था पर जबरदस्त कटाक्ष करता है।

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