छात्राएं

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक स्कूल ने लड़कियों को पढ़ाई छोड़ने से रोकने के लिए एक अनोखी तरक़ीब अपनाई है.
ये स्कूल दिल्ली से क़रीब 125 किलोमीटर दूर बुलंदशहर ज़िले के उप प्रखंड अनूपशहर में स्थित है.
इस स्कूल में छठी कक्षा से ऊपर की हर छात्रा को कक्षा में आने के लिए प्रतिदिन 10 रुपए दिए जाते हैं.

सर, हमारी मदद कीजिए। हम पढ़ना चाहते हैं लेकिन हमारी टीचर हमसे सर मालिश कराती हैं। हाथ-पांव दबवाती हैं। क्लास छोड़कर घूमने चली जाती हैं और कहती हैं कि प्रिंसिपल पूछे तो कह देना कि स्टेशनरी (किताब आदि) लेने गई हैं। और तो और क्लास को शांत रखने और उन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी मॉनिटर पर थोप जाती हैं।

सर, हमारे स्कूल में टीचर सोती रहती हैं और कुछ पूछने जाने पर झिड़क कर भगा देती हैं। सर, स्कूल में पढ़ाई की बजाए हम छात्र-छात्राओं से साफ सफाई कराई जाती है। हमें रोल नंबर के अनुसार प्रतिदिन बारी बारी कक्षा में झाड़ू व साफ सफाई करनी पड़ती है।