चेतन भगत

 

गरीबी बड़ी भयानक चीज है। कुछ ही चीजें हैं जो मानवता को इतना नीचा देखने पर मजबूर करें और जीवन की बुनियादी जरूरतें भी पूरी न कर पाना उनमें से एक है।

भारत उन देशों में शामिल है जिन्हें गरीबी का स्वर्ग कहा जा सकता है। हम चाहे तो 1947 के पहले की हमारी सारी गलतियों के लिए अंग्रेजों को दोष दे सकते हैं, लेकिन उन्हें गए भी 67 साल गुजर चुके हैं। हम अब भी दुनिया के सबसे गरीब देशों में से हैं। एशिया में चालीस के दशक में हमारे बराबर गरीबी के साथ शुरुआत करने वाले देशों ने कितनी तरक्की कर ली है।

 

हाल ही में स्पॉट फिक्सिंग ने सुर्खियों में रहने लायक सब कुछ किया - पैसा, सेक्स, अनैतिक व्यवहार, गैम्बलिंग यहां तक कि तौलिया दिखाना। जल्द ही यह कहानी भारतीय मूल्यों के गिरने और खिलाडिय़ों के लालच की बन गई। पुरानी यादों केविशेषज्ञों ने उस समय को याद कर अफसोस जताया जब क्रिकेट एक जेंटलमैन्स गेम था। कुछ ने आईपीएल को दोष दिया, बाकी ने कहा ये तो बस कुछ सड़े अंडे हैं। बहुत भोला-सा अलग-सा सुझाव आया बीसीसीआई को सख्त होना पड़ेगा और खिलाडिय़ों को नियंत्रण में रखना होगा।

कोयला घोटाले से पस्त सरकार, पिछले एक पखवाड़े के भीतर लंबे समय से अपेक्षित कुछ सुधारों पर आगे बढ़ी है। इनमें मल्टी ब्रांड रिटेल और विमानन क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की अनुमति शामिल है। एफडीआई के मुद्दे पर देश में तेज प्रतिक्रिया हुई और “वाद विवाद के लिए तैयार भारतीयों” के बीच यह हमेशा बनी रह सकती है।

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