गे

मेरा बेटा समलैंगिक है और अब मुझे इसे स्वीकार करने में कोई डर नहीं है। वह बीते 20 वर्षों से अपने पार्टनर के साथ आपसी विश्वास और प्रसन्नता भरी ज़िंदगी बिता रहा है। मेरे परिवार व नज़दीकी मित्रों ने इसे गरिमापूर्वक स्वीकार किया है। लेकिन, मैं इसके बारे में सार्वजनिक तौर पर बोलने से डरता था कि कहीं उसे कोई नुकसान न हो जाए। सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया। मेरी पत्नी और मुझे अचानक लगा कि जैसे बहुत बड़ा बोझ सिर से उतर गया है। मुख्य न्यायाधीश के बुद्धिमत्ता भरे शब्द मेरे कानों में गूंज रहे थे, 'मैं जो हूं, वैसा हूं, इसलिए

Author: 
आलोक पुराणिक

सभी धर्मों में आदि काल से ही समलैंगिकों की उपस्थिति के प्रमाण प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से अवश्य मिलते हैं, फिर भी सभी धर्मगुरूओं द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। वास्तव में ऐसे मुद्दे ही अबतक अनेकता में एकता की भावना को जीवित रखे हुए हैं।

Category: 

समलैंगिकों, किन्नरों और मुख्यधारा से अलग किसी भी सेक्शुअल प्राथमिकता वाले लोगों को लेकर सामाजिक बराबरी का नजरिया संसार के किसी भी देश, किसी भी सभ्यता में नहीं है। लेकिन उन्हें दंडनीय अपराधी मानने की धारणा अगर किसी बड़े लोकतांत्रिक समाज में आज भी जमी हुई है तो वह अपना भारत ही है। देश की सबसे ऊंची अदालत ने साधु-संतों और विभिन्न धार्मिक संगठनों की याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें ऐसे लोगों को इज्जत से जीने का अधिकार दिया गया था। ध्यान रहे कि दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले में कोई नया हक मांगने वाली याचिका को स

सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक सेक्स को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है। ट्विटर पर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का काफी विरोध हो रहा है। सेक्शन 377 को खत्म करने की एक मुहिम चली हुई है। पढ़िए, जानेमाने लोगों ने क्या लिखा...

भारत ने प्रेम बैन कर दिया है। शेम...शेम।

तस्लीमा नसरीन, लेखिका

हम गे कपल्स के पीछे पुलिस लगा देंगे। क्या 21वीं सदी में ऐसा भारत होना चाहिए?