आर्थिक समृद्धि

संयुक्त राष्ट्र ने तेजी से बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण के बाबत नई रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली आबादी के लिहाज से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर बन गई है। दुनिया भर में शहरीकरण की संभावनाओं से जुड़ी 2014 की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 3.8 करोड़ की आबादी वाला टोक्यो इकलौता ऐसा शहर है जो दिल्ली (2.5 करोड़) से आगे है। देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर मुंबई इस सूची में छठे स्थान पर है 2.1 करोड़ आबादी के साथ।
 

जब ऐसा कहा गया है कि मानव (Home Economicus) धन पैदा करने के लिए तैयार किया गया एक यंत्र है, तो भारतीय अर्थशास्त्र में बताए जा रहे उस तर्क की जांच करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है, जिसके अनुसार भारत की विशाल जनसंख्या गरीबी का एक कारण है। यदि मनुष्य एक मात्र ऐसी प्रजाति है जो धन पैदा कर सकती है, तो इसकी अधिक संख्या गरीबी का कारण कैसे हो सकती है? सच क्या है ?