आक्रमण

क्या आपने संसद के दोनों सदनों में इस हफ्ते किराना में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मुद्दे पर हुई बहस टेलीविजन पर देखी? यदि नहीं, तो कृपया लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही जरूर पढ़िए। आप पाएंगे कि हमारे नेताओं के शब्द खोखले हो गए हैं और विचार भोथरे। न उनके विरोध का कोई अर्थ है और न समर्थन पर कोई सार्थक तर्क.