अंकित चवन

 

जैसा चलन चल पड़ा है कि कहीं से कोई सुर्रा उठ जाने पर हम उससे जुड़ी हर चीज, हर व्यवस्था, सरकार, देश और समूची दुनिया को भ्रष्ट बताने लगते हैं, उसी तरह आईपीएल में फिक्सिंग का मामला एक बार फिर उभर आने के बाद इस पूरे टूर्नामेंट, लीग और देश के समूचे क्रिकेट सरंजाम को ही कूड़ेदान में डालने पर उतावले न हो जाएं।