कमेन्टरी - स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

इस पेज पर स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर के लेख दिये गये हैं। ये लेख शीर्ष बिजनेस अखबारों में स्वामीनॉमिक्स कॉलम में प्रकाशित होते हैं।

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पिछले हफ्ते मैं गुजरात गया। यह देखने कि तकनीक और एक सक्रिय एनजीओ ने कमजोर आदिवासियों को वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत किस तरह ताकतवर बनाया है। यह कानून आदिवासी जोत वाले उन सभी प्लॉटों पर मालिकाना हक की व्यवस्था करता है, जिनपर 2005 में खेती की जा रही थी। इससे पहले, वनों के सरकारी अधिग्रहण के बाद से ही सभी वनवासियों को सदियों के मालिकाने वाली उनकी जमीनों का गैरकानूनी कब्जेदार बना दिया गया था। वन विभाग द्वारा उनके गांवों और खेतों को कभी भी उजाड़ दिए जाने का खतरा बना रहता था।
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Published on 2 Aug 2013 - 19:54

 

राजनीति में अपराधियों के बढ़ते दखल से लोग इतने नाराज हैं कि वे सुप्रीम कोर्ट के दो हालिया फैसलों का स्वागत ही करेंगे। इनमें एक किसी भी सजा पाए व्यक्ति को चुनाव लड़ने से रोकता है, भले ही उसने ऊंची अदालत में सजा के खिलाफ अपील कर रखी हो। दूसरा जेल में बंद व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाता है, फिर चाहे उन्हें अस्थायी तौर पर पुलिस या न्यायिक हिरासत में ही क्यों न रखा गया हो। दोनों फैसले कुछ अपराधियों को चुनाव से दूर रख सकते हैं, लेकिन उनके साथ यह जोखिम भी जुड़ा है कि कुछ इज्जतदार लोग भी इसके चलते...

Published on 16 Jul 2013 - 16:25

 

भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 2010-11 की 9.2 प्रतिशत के आधे से भी नीचे आकर 2012-13 में मात्र 5 प्रतिशत रह गई है। हमारी अर्थव्यवस्था के सामने मुख्य समस्याएं हैं- ऊंचा चालू खाता घाटा, ऊंचा वित्त घाटा और छोटे-मंझोले उद्यमों के लिए बैंक ऋण का अभाव। ये तीनों मुश्किलें एक अकेले उपाय से दूर की जा सकती हैं। वह है देश के पास मौजूद अतिरिक्त खाद्य भंडार को कम करना। कृषि मूल्य एवं लागत आयोग (सीएसीपी) के चेयरमैन अशोक गुलाटी और इसकी संयुक्त निदेशक सुरभि जैन ने अपने हाल के एक शोधपत्र 'सुरक्षित भंडार नीति, राष्ट्रीय...

Published on 10 Jun 2013 - 16:46

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