कमेन्टरी - स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

इस पेज पर स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर के लेख दिये गये हैं। ये लेख शीर्ष बिजनेस अखबारों में स्वामीनॉमिक्स कॉलम में प्रकाशित होते हैं।

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भारत में सबसे बड़ा क्रांतिकारी परिवर्तन दुनिया को मात देने वाले कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर का विकास है। भारत की अर्थव्यवस्था चमत्कारिक नहीं है, लेकिन सॉफ्टवेयर एक चमत्कारिक सेक्टर है। एक दशक तक 40 फीसदी प्रतिवर्ष की दर से फल-फूल रहे इस सेक्टर ने पिछले साल निर्यात से आठ अरब डॉलर की कमाई की।

मैकिंसी का अनुमान है कि वर्ष 2008 तक इसकी कमाई 58 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। यह आज की तारीख में भारत के सभी सामानों के निर्यात को मिलाने पर भी उससे ज्यादा होगा। पिछले सप्ताह कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में...

Published on 28 Apr 2002 - 10:30

स्वामीनॉमिक्स के 10 साल पूरे हो गए हैं. जब मैंने एक दशक पहले इस कॉलम की शुरुआत की थी तब मेरे बारे में ज्यादातर यह कहा जाता था कि मैं विद्रोही हूं और बगैर सावधानी बरते परंपरागत समाजवादी विचारों पर निशाना साधते हुए उसकी आलोचना करता हूं. आज मैं यह देखकर चकित हूं कि अब मुझे मुख्यधारा का लेखक समझा जाने लगा है. 10 वर्ष पहले आर्थिक सुधारों को कितना ज्यादा असंभव माना जाता था. लंदन की पत्रिका ‘द इकोनॉमिस्ट’ ने 1991 में अपनी आवरण कथा में भारत को “पिंजरे में बंद शेर” बताते हुए लिखा था कि इसके बाहर आने की कोई संभावना नहीं...

Published on 3 Sep 2000 - 10:30

इन दिनों कोका कोला और पेप्सी कोला में पेस्टिसाइड्स (कीटनाशक) की उपयुक्त मात्रा को लेकर विवाद चल रहा है. भारतीय स्वामित्व वाले शीतल पेय पदार्थों के साथ ही यहां तक की भारत के दूध और पानी के साथ इनकी तुलना के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं.

ब्रिटिश राज के दौरान गोरों पर जिम्मेदारी होने की अवधारणा का प्रचलन हुआ। रुडयार्ड किपलिंग द्वारा 1899 में लिखी गई कविता “व्हाइट मेन्स बर्डन” की नजर में भारतीय 'कानूनविहीन कमतर नस्ल' थी, जिनसे अच्छे स्तर या गुणवत्ता की अपेक्षा नहीं की जा सकती। लेकिन...

Published on 3 Sep 2000 - 10:30

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