नियम नहीं नीयत की जरूरतः जेपी अग्रवाल

 

- अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के दिन रेहड़ी-पटरी व फेरी वालों के लिए मित्रवत व सुविधाजनक कानून बनाने की मांग पर बोले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष

- समस्या के समाधान के लिए सियासतदारों पर निर्भर न रहने की दी सलाह

- सियासतदारों को भी रेहड़ी पटरी वालों की जरूरत व हक की बात को राजनीति से दूर रखने की अपील

 

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) के अध्यक्ष व सांसद जयप्रकाश अग्रवाल (जेपी) ने कहा है कि ठेले व रेहड़ी-पटरी वालों की समस्या के समाधान के लिए नियम की नहीं नीयत की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि ईमानदारी से प्रयास किए जाएं तो किसी को कोई समस्या नहीं रहेगी। रूलिंग पार्टी से संबंध रखने के बावजूद गरीब पटरी व्यवसायियों की समस्या के समाधान के बाबत सरकार की नीयत पर काफी तल्ख दिख रहे जेपी ने कहा कि समस्या की जड़ सियासत और वोट बैंक की राजनीति है। पार्टी का नाम लिए बगैर इशारों-इशारों में अपनी ही पार्टी की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए उन्होंने कहां कि आप चुनावी घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) देख लीजिए हर बार वादे मिलेंगे लेकिन चुनाव बाद काम कुछ नहीं होगा। वह अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर रेहड़ी पटरी वालों की समस्या के बाबत आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने विचार व्यक्त कर रहे थें।

सरकार से रेहड़ी पटरी के अधिकारों को सुनिश्चित करने व विभिन्न स्तरों पर होने वाले शोषण को रोकने के लिए विशेषीकृत विधेयक लाने की मांग के साथ नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (नासवी) व सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सैंकड़ों की संख्या में देशभर से कमानी सभागार पहुंचे रेहड़ी पटरी व्यवसायियों के समक्ष विचार प्रकट करते हुए सांसद जेपी अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सहित देश के लगभग सभी महानगरों व नगरों में तमाम ऐसे इलाके हैं जिनका इस्तेमाल रेहड़ी पटरी वालों को बसाने व उन्हें व्यवसाय के लिए आवंटित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है।

इस मौके पर जेपी अग्रवाल ने रेहड़ी पटरी व्यवसायियों को अपने हक के लिए सियासतदारों पर निर्भर न रहने की भी सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने सियासतदारों को भी गरीब व्यवसायियों की आजीविका के मसले पर सियासत न करने की सलाह दी। सेंटर फॉर सिविल सोसायटी द्वारा चलाए जा रहे “जीविका अभियान” की भी उन्होंने भूरी भूरी प्रशंसा की। इस मौके पर नासवी के अरविंद कुमार सिंह, सीसीएस के शांतनु गुप्ता सहित अन्य वक्ताओं ने भी रेहड़ी पटरी व्यवसायियों की समस्याओं और उसके समाधान पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला और जल्द से जल्द विशेषीकृत विधेयक लाने की मांग की।

 

- अविनाश चंद्र 

 

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