रेहड़ी पटरी वालों का विस्थापन और सामान की जब्ती बंद करोः राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाइकोर्ट ने रेहड़ी पटरी विक्रेताओं को बड़ी राहत प्रदान की है। गुरुवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए हाइकोर्ट की जयपुर बेंच ने शहर से रेहड़ी पटरी विक्रेताओं को हटाने और उनके सामानों की जब्ती पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को शीघ्र अतिशीघ्र राजस्थान स्ट्रीट वेंडर ऐक्ट 2012 को लागू करने का भी आदेश जारी किया है।  
 
विदित हो कि वर्ष 2012 में प्रवासी दिवस के मौके पर सैकड़ों रेहड़ी पटरी वालों को उनके ठीए से हटा दिया गया था और उनके सामानों को जबरदस्ती जब्त कर लिया गया था। इसके विरोध में सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) ने रेहड़ी पटरी संघ, हेरिटेज सिटी थड़ी ठेला यूनियन और सेंटर फॉर पॉलिसी सोल्यूशन्स के साथ मिलकर एक राजस्थान हाईकोर्ट के समक्ष एक रिट पिटीशन दायर किया था। 
 
बताते चलें कि राजस्थान वेंडर ऐक्ट वर्ष 2012 में पारित किया गया था और रेहड़ी पटरी वालों के लिए के पंजीकरण और उन्हें स्थान आवंटित करने के लिए टाउन वेंडिंग कमेटी के गठन की बात कही गई थी। लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी इस संबंध में आजतक कोई कदम नहीं उठाया गया है।   
अब हाईकोर्ट ने एक महीने के भीतर इस ऐक्ट को लागू करने का आदेश जारी किया है और वेडिंग कमेटी द्वारा जगह आवंटित करने के पूर्व बेदखली और उत्पीड़न पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के इस फैसले को सेंटर फॉर पॉलिसी सोल्यूशन के संस्थापक संजय गर्ग ने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि ‘ये भ्रष्टाचारियों के ऊपर कर्मयोगियों की जीत है’। आई-जस्टिस के एडवोकेट प्रशांत नारंग ने कहा है कि, ‘असल मायने में यह गरीबों की आजादी है। आजादी बगैर शोषण के रोजी रोटी कमाने की’।
 
आजीविका अर्जित करने के लिए मनपसंद व्यवसाय चुनने की आजादी वास्तव में जीवन की गुणवत्ता का परिचायक है, और निचले तबके के लोगों के लिए यह आजादी और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। सेंटर फॉर सिविल सोसायटी लंबे समय से गरीबों के लिए आजीविका की आजादी की वकालत करता रहा है। सीसीएस द्वारा एक दशक से भी अधिक समय से चलाए जा रहे ‘जीविकाः लॉ, लिबर्टी एंड लाइवलीहुड’ अभियान के फलस्वरुप ‘नेशनल स्ट्रीट वेंडर्स (प्रोटेक्शन एंड रेग्युलेशन ऑफ वेंडिंग) एक्ट’ को पारित कराने में सफलता हासिल हुई थी। 
 
हाईकोर्ट का यह आदेश, ईमान्दारी से जीविकोपार्जन की राह में तमाम प्रतिबंधों और चुनौतियों का सामना करने वाले गरीब ग्रामीणों के लिए आजीविका की आजादी प्रदान करने व अधिकारों के संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक पहल है। 
 
 
- आजादी.मी