पांच रुपए में भरपेट भोजन

सरकार एक बार फिर गरीब और गरीबी की नई परिभाषा के साथ अवतरित हुई है। इस बार सरकार ने पूर्व के 27 रुपए की बजाए 32 रुपए को गरीबी रेखा निर्धारित करने का मानक बिंदू बताया है। अर्थात जो व्यक्ति प्रतिदिन 32 रुपए कमाता है वह गरीब नहीं है। हालांकि जैसा कि तय था, सरकार के इस मानक बिंदू का विरोध भी खूब हुआ। लेकिन अपनी गलती स्वीकार करने की बजाए सरकार व सरकारी नुमाइंदों में इसे सही साबित करने की होड़ मच गई। कोई भरपेट भोजन के लिए 12 रुपए को पर्याप्त बताने लगा तो कोई दो कदम और आगे बढ़ पांच रुपए को पेटभर खाने के लिए उपयुक्त बताने लगा। यहां तक कि रूलिंग पार्टी के एक नेता ने तो जामा मस्जिद इलाके का पता भी बता दिया। यह बात और है कि मीडिया व उक्त इलाके के लोगों को ढूंढे से भी वह दुकान नहीं मिली...।

हालांकि कार्टूनिस्ट पवन ने इस पूरे वाकए पर अपने कार्टून के माध्यम से जबरदस्त कटाक्ष किया। देखें कार्टून

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