पुस्तक 'पावर्टी एंड प्रोग्रेसः रियालिटीज एंड माइथ्स अबाउट ग्लोबल पावर्टी' का विमोचन

विकास और गरीबी से संबंधित वास्तविकताओं और भ्रांतियों पर आधारित है अर्थशास्त्री दीपक लाल की यह पुस्तक

जाने माने अर्थशास्त्री दीपक लाल की गरीबी और विकास से संबंधित वास्तविकताओं और भ्रांतियों पर आधारित पुस्तक ‘पावर्टी एंड प्रोग्रेसः रियालिटीज एंड माइथ्स अबाउट ग्लोबल पावर्टी’ का बुधवार को भारत में विमोचन किया गया। पुस्तक का प्रकाशन ऑक्सफोर्ड यूनिविर्सिटी द्वारा किया गया है।पुस्तक विमोचन का आयोजन फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स (फिक्की), सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) व फ्रेडरिक न्यूमन फाउंडेशन (एफएनएफ) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स (फिक्की) स्थित कांफ्रेंस हॉल में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान विचार प्रकट करते हुए लेखक व अर्थशास्त्री दीपक लाल ने कहा कि मानव इतिहास में सबसे बड़े पैमाने पर गरीबी उन्मूलन वैश्वीकरण के वर्तमान दौर में ही हुआ है। दुनिया भर के गरीब स्वास्थ्य, शिक्षा व जीवित रहने की अवधि के मामले में तेजी से अमीरों की बराबरी कर रहे हैं। 

इस दौरान एक परिचर्चा का भी आयोजन किया गया जिसमें लेखक दीपक लाल, सेंटर फॉर सिविल सोसायटी के प्रेसीडेंट पार्थ जे शाह, फिक्की की पूर्व अध्यक्षा व एचएसबीसी इंडिया की कंट्री हेड नैनालाल किदवई, ऑक्सस इन्वेस्टमेंट के चेयरमैन सुरजीत भल्ला, बिजनेस स्टैंडर्ड के चेयरमैन टी.एन.निनान, फ्रेडरिक न्यूमन फाउंडेशन के साउथ एशिया रीजनल डाइरेक्टर डा. रोनॉल्ड मेनारडस आदि उपस्थित रहे। 

लेखक परिचयः दीपक लाल भारतीय मूल के एक प्रसिद्ध ब्रिटिश अर्थशास्त्री है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र, राजनीतिशास्त्र व अर्शशास्त्र में शिक्षा प्राप्त की है। बाद में उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन व कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में अध्यापन किया। दीपक लाल भारतीय योजना आयोग, वर्ल्ड बैंक, योजना मंत्रालय, कोरिया व श्रीलंका में बतौर सलाहकार सेवाएं दी हैं। उन्हें वर्ष 2007 में प्रतिष्ठित इटैलियन लिबेराज इंटरनेशनल फ्रीडम पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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- आजादी.मी