आज़ादी पॉडकास्टः नई शिक्षा नीति और एडुप्रेन्योर्स

काफी इंतजार के बाद पिछले वर्ष राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2019 ड्राफ्ट आखिरकार जारी हो ही गया। यह ड्राफ्ट 484 पृष्ठों का व्यापक दस्तावेज है जिसे तैयार करने में चार वर्षों से अधिक का समय लगा। इंडियन स्पेश रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के चेयरमैन रहे पद्मश्री व पद्म विभूषण के. कस्तूरीरंगन समीति द्वारा प्रस्तुत एनईपी ड्राफ्ट को लेकर सरकार काफी उत्साहित है और इसे जल्द से जल्द लागू कराना चाहती है। कुछ दिनों पहले केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने नई शिक्षा नीति के जल्द लागू होने का जिक्र भी किया। हालांकि एनईपी के कुछ प्रावधानों को लेकर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले निजी क्षेत्र के एडुप्रेन्योनर्स सशंकित भी हैं। उनकी चिंताएं क्या हैं और उनके हिसाब से इसका समाधान क्या ह? प्रस्तुत आज़ादी पॉडकास्ट के इस एपिसोड में एनईपी को लेकर निजी स्कूलों के अखिल भारतीय संगठन निसा (नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस) के प्रेसिडेंट कुलभूषण शर्मा से बातचीत कर उनकी राय जान रहे हैं होस्ट अविनाश चंद्र जो देश के पहले हिंदी उदारवादी वेबपोर्टल azadi.me के संपादक हैं।