जीविका: कानून, स्वतन्त्रता और आजीविका अभियान सम्पत्ति अधिकार प्रतियोगिता मे सेमी-फाईनलिस्ट

नयी दिल्ली स्थित लोक नीति विचार मंच सेंटर फॉर सिविल  सोसाइटी द्वारा संचालित जीविका: कानून, स्वतन्त्रता और आजीविका अभियान ओमिदयार नेटवर्क और अशोका चेंजमेकर्स के प्रतिष्ठित "प्रोपर्टी राईट्स: आईडेनटीटी, डिग्निटी एंड ओपोर्चुनिटी फॉर आल" नामक प्रतियोगिता में सेमी-फाईनलिस्ट के तौर पर चुना गया है. नौ देशों में से 19 सेमी-फाईनलिस्ट गरीबों को ज़मीन के हक दिलवा कर समुदायों में परिवर्तन और सुधार लाने के अपने प्रयासों के चलते इस प्रतियोगिता के लिए चुने गए हैं.

इस प्रतियोगिता के लिए 47 अलग अलग देशों से 219 प्रविष्टियाँ आई थी जिन में से 19 चुनी गयी हैं. ये सभी सेमी-फाईनलिस्ट अपने मौलिक तरीकों के ज़रिये भूमिहीनों को ज़मीन दिलवाते हैं, व्यक्तिगत या सामुदायिक संपत्ति के हकों का औपचारिक दस्तावेजीकरण करते हैं और कानूनी शिक्षा प्रदान कर लोगों को न्याय के ज़रिये अपनी संपत्ति की सुरक्षा का ज्ञान देते हैं.

अभी से लेकर 12 जनवरी, 2011 तक चेंजमेकर्स ऑनलाइन कम्युनिटी के मेम्बर वोट देकर फाईनलिस्ट का चुनाव करेंगे और अंतिम विजेताओं का फैसला एक छह सदस्यीय निर्णायक दल करेगा. इस 'संपत्ति अधिकार' प्रतियोगिता के तीन विजेताओं का फैसला 23 फरवरी, 2011 को होगा और तीनों को 50,000 अमेरिकी डॉलर का नकद इनाम मिलेगा जो उनके अभियान में सहायक साबित होगा.

अपने पुरस्कार प्राप्त ''जीविका: कानून, स्वतन्त्रता और आजीविका'' अभियान के माध्यम से सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी का ध्येय भारत में अनौपचारिक सेक्टर को न्यायिक मान्यता दिलाना है जिसके चलते एकदम छोटे उद्यमी भी निश्चिंत होकर अपनी जीविका चला सकते हैं और अपनी निजी संपत्ति रख सकते हैं.

नीतिगत सुझाव और पक्षसमर्थन के ज़रिये, जीविका अभियान सरकारी तंत्र के हाथों सड़कों पर काम करने वाले अनौपचारिक उद्यमियों की प्रताड़ना रोकने में लगा है. वो इस बात पर केन्द्रित है कि परमिट प्रक्रियाओं को घटाया और सरल बनाया जाए जिनसे छोटे उद्यमियों, दुकानदारों, फेरी वालों और रिक्शा चलाने वालों को अपने व्यवसाय को स्थापित करने और आगे बढ़ाने से रोका जाता है। इस अभियान के अंतर्गत, सड़क विक्रेताओं की समस्या को लेकर सर्व चेतना फैलाई जा रही है और सरकारी तंत्र को दीर्घकालिक हल सुझाये जाते हैं.

सेंटर अपने प्रवर्तक और स्थापक कार्यक्रम जैसे जीविका वृतचित्र उत्सव के माधयम से छोटे उद्यमियों को पेश आने वाली बाधाओं के प्रति जागरूक कर रहा है.

''जीविका: कानून, स्वतन्त्रता और आजीविका'' अभियान के  बारेमें अधिक जानकारी केलिए यहाँ क्लिक करें. 'संपत्ति अधिकार' प्रतियोगिता के बारे में ज्यादा जानकारी और वोट करने के लिए लॉग-ऑन करें http://www.changemakers.com/node/95015

- स्निग्धा द्विवेदी