सरकार ने माना, बिना निजी निवेश ऊंची विकास दर पाना संभव नहीं

सरकार भले ही आठ फीसद विकास दर हासिल करने के तमाम प्रयास करे मगर निजी क्षेत्र के निवेश के बिना यह संभव नहीं है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया ने कहा है कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र पर एक खरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य है। मगर इसका आधा हिस्सा यानी 500 अरब डॉलर निजी निवेश से आना चाहिए। इसके बगैर अर्थव्यवस्था तेजी से नहीं दौड़ पाएगी। वे सोमवार को यहां उद्योग संगठन फिक्की के एक सम्मेलन में बोल रहे थे।

योजना आयोग ने 12वीं योजना [2012-17] के लिए आठ फीसद विकास दर का लक्ष्य तय किया है। मोंटेक ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के विकास के लिए सरकार अकेले पूरा निवेश नहीं कर सकती क्योंकि संसाधन की कमी है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे जरूरी क्षेत्र के लिए संसाधन की भारी मांग है। इसलिए निजी निवेश बढ़ाने की सख्त आवश्यकता है। 12वीं योजना के पहले साल यानी वित्त वर्ष 2012-13 में पांच फीसद विकास दर का अनुमान है। जबकि चालू वित्त वर्ष 2013-14 में इसके करीब 6.5 फीसद की दर से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इस लिहाज से आठ फीसद के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले तीन वित्त वर्ष में औसतन 9.5 फीसद विकास दर की आवश्यकता होगी। बैंक खातों में सीधे नगद हस्तांतरण [डीबीटी] योजना के बारे में मोंटेक ने कहा कि पांच-छह महीने में इसका असर नजर आने लगेगा। जहां यह स्कीम लागू हो गई है वहां के लोगों को इसका फायदा समझ में आने लगेगा। वैसे, केंद्र की योजना आम चुनाव से पहले इसे पूरे देशभर में लागू करने की है

http://www.jagran.com/news/business-500-billion-private-investment-must-for-8-growth-in-12th-plan-montek-singh-ahluwalia-10346609.html

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