नवीन पाल

एक्सपर्ट कॉर्नर - नवीन पाल

नवीन पाल

बीस सालों से प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में सक्रिय। लिखने और पढ़ने का जुनून। हिन्दी साहित्य के साथ पत्रकारिता में भी मास्टर डिग्री। दैनिक जागरण में बतौर रिपोर्टर प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत। मशहूर पत्रकार नलिनी सिंह के साथ टेलीविजन पर करंट अफेयर कार्यक्रम आंखों देखी, हैलो जिंदगी, मेड इन इंडिया जैसे नामचीन कार्यक्रम में बतौर प्रोड्यूसर शिरकत। थोड़े समय के लिए आजतक में कार्य अनुभव। बीएजी फिल्मस में इन टाइम, रोजाना और खबरें बॉलीवुड की जैसे कार्यक्रमों का निर्माण और निर्देशन। दिल्ली विश्वविद्यालय में गेस्ट लेक्चरर के रूप में अध्यापन।...
एससी एसटी अत्याचार कानून फिर उसी दमखम के साथ लागू हो गया है जैसा सुप्रीम कोर्ट के 20 मार्च के फैसले से पहले था। एससी एसटी अत्याचार संशोधन कानून में धारा 18-ए और जोड़ी गई है जो कहती है कि इस कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले ना जांच की जरूरत है और ना ही जांच अधिकारी को आरोपी की गिरफ्तारी से पहले किसी की इजाजत लेने की आवश्यकता। सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 20 मार्च को इस एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए अपने फैसले में कहा था कि एससी एसटी एक्ट में किसी के खिलाफ शिकायत आने पर एसएसपी स्तर का अधिकारी पहले मामले की जांच...
Published on 27 Aug 2018 - 16:36
मलेशिया की नवनिर्मित डा. महातिर बिन मोहम्मद सरकार ने देश में गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स अर्थात जीएसटी को समाप्त कर दिया है। ऐसा करके उन्होंने चुनाव पूर्व देश की जनता के साथ किए वादे को पूरा किया है। भारत के पूर्व मलेशिया ही वह आखिरी देश था जिसने अपने यहां जीएसटी लागू किया था। फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि इस नई कर प्रणाली को लागू होने के तीन वर्षों के भीतर ही समाप्त करने की जरूरत आन पड़ी? इसकी विवेचना कर रहे हैं वरिष्ठ टीवी पत्रकार नवीन पाल..     मलेशिया में वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी इस साल 31 मई को पूरी तरह खत्म हो गया। मलेशिया...
Published on 19 Jun 2018 - 19:23
सीमापार से खबर अच्छी आई है। बांग्लादेश सरकार ने देश में सरकारी सेवाओं में आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करने का फैसला किया है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 11 अप्रैल को संसद में सरकारी नौकरियों में आरक्षण को खत्म करने का ऐलान किया । बांग्लादेश में आरक्षण नीति के खिलाफ हजारों छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। ढाका यूनिवर्सिटी से आरक्षण व्यवस्था को लेकर आंदोलन शुरू हुआ और धीरे धीरे पूरे बांग्लादेश में फैल गया। प्रदर्शकारियों का पुलिस से टकराव भी हुआ जिसमें 100 से ज्यादा छात्र घायल हुए। सरकार को छात्रों की मांगों के आगे झुकना पड़ा और आरक्षण...
Published on 14 Apr 2018 - 17:32

Pages