व्यंग्यः रुपये की कमजोरी का जिम्मेदार कौन

डॉलर के मुकाबले रूपया अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। सरकार और नीति निर्धारकों द्वारा रूपये को गिरने से बचाने के लिए तमाम कृत्रिम जतन किए जा रहे हैं लेकिन इससे रूपए की सेहत पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है। उधर, विभिन्न दलों के बीच इस बाबत राजनीति भी जम कर हो रही है। रूपए की इस हालत के लिए सभी एक दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं। देखें एक मजमून: 

 

ममता बैनर्जी :- रूपये की कोमजोरी का जिम्मेदार लेफ्ट फ्रोंट हॉय ,वेस्ट बोंगाल के खोजाने में ऐक भी टोका होमारे लिए नोहीं छोड़ा , लेफ्ट का गूंडा लोग बोम फोड़ता है तृणमूल भोर्कर को पीटता हॉय बेचारा रुपया कोएसे मोजबूत कोर पायेगा । 

गुरुदास गुप्ता :- इसके लिए मोमता बैनर्जी जिम्मेदार हॉय , जॉब से वो राईटर बिल्डिंग में घूसा हॉय होमारा रूपया पर पोकड़ ढीला पोड़ गोया हॉय । 

लालू यादव :- अरे जब चरवा ही खाने को नहीं मिलेगा तो झुट्ठो गाल बजाने से रूपया मजबूत होगा ? आप ही बताईये भला । 

मायावती :- इसके लिए मनुवादी शक्तियां जिम्मेदार हैं जब तक मैं सत्ता में थी रुपये की तूती बोलती थी । मेरे खिलाफ बड़े बड़े मामले उछले पर रुपये की मजबूती के आगे किसी की एक न चली । 

मुलायम सिंह यादव :-रुपये के इस गडबडझाले के लिए सी बी आई का दुरूपयोग जिम्मेदार है । अभी सत्ता में मेरी वापसी हुयी भी नहीं और इसके पहले की मैं रूपये को दुबारा मजबूत कर पाता कि इन कांग्रेसियों ने सूss सूss करके सी बी आई को मेरे पीछे छोड़ दिया, वैसे मुझे रूपये की चिंता सबसे ज्यादा है , मेरी अंदरखाने हर किसी से बात चल रही है जिस दिन रुपया मजबूत कर पाया बड़े बड़े सूरमाओं को एक ही धोबी पाट में ...... 

करूणानिधि  (फंसे हुए गले से ) अय्यो मुरुगन स्वामी ....जिस दिन से कानिमोझी अउर मेरा राजा जेल गया मैं और मेरा रूपया दोनों औंधे मुंह गिर गए और ऊपर से ( दांत पीसते हुए ) ये जयललिता अम्मा सारा रूपया .....

भाजपा :-रूपये की कमजोरी के लिए कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति जिम्मेदार है , जब तक हिंदूवादी शक्तियां एक नहीं होंगी राम लला के भव्य मंदिर का निर्माण नहीं होगा रूपया कैसे मजबूत होगा । 

कांग्रेस :- रूपये की बदहाली के लिए साम्प्रदायिक शक्तियां जिम्मेदार हैं । अगर भाजपा सत्ता में आई तो देश का मुसलमान क्या इस्लाम भी खतरे में पड़ जाएगा । रुपया तो पहले ही बँट चुका है( घोटालों में ), देश भी बँट जाएगा । 
कार्यसमिति में प्रस्ताव लाकर रुपये की मजबूती के लिए हम वाड्रा जी को पूरा अधिकार... अंह !! सोनिया जी को ( ये मीडिया वाले भी बातों को तोड़ मरोड़ कर… ), संसद में क़ानून बनायेंगे ...!!

आम आदमी :- इस दुर्गति के लिए मैं खुद जिम्मेदार हूँ जब जब सरकारें चुनने की बारी आती है तो भले मैं नेताओं को गाली देता रहूँ पर कई बार मैं खुद वोट देने की जिम्मेदारी भी नहीं निभाता । अगर वोट देने गया भी तो कभी जाति की आंधी में उड़ जाता हूँ कभी धर्म की चादर ओढ़ लेता हूँ । चुनाव में प्रत्याशी कितना ही बड़ा अपराधी या भ्रष्टाचारी क्यूँ ना हो पर अगर वो मेरे जाति और धर्म के चश्मे में फिट है तो मैं उसी को वोट देता हूँ ।

 

साभारः मनोज कुमार मिश्रा

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