पेयजल समस्या से जूझते ग्रामीण

मध्य प्रदेश के उजावनी में दूषित पानी पीने के पानी की वजह से निवासियों के लिए एक खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो गयी है. सन 2001 के सेनसस आंकड़ों के अनुसार भारत के 39.8% घरों में साफ़ पेयजल नहीं आता है. उजावानी एक ऐसा ही गंभीर उदाहरण है. यहाँ के 200 परिवारों की पेयजल आपूर्ति के लिए सिर्फ एक हैण्ड पम्प और एक निजी कुआं है. एक सार्वजनिक कुआँ कुछ सालो पहले बुरे रख रखाव के कारण पहले ही बंद हो चुका है.

पर पानी की किल्लत ही यहाँ की एकमात्र परेशानी नहीं चूंकि जो भी पानी उपलब्ध है वो दूषित है जिस वजह से प्रायः डायरिया और हैजा जैसी बीमारियाँ हो जाती हैं. राकेश खन्ना यहाँ बता रहे हैं की पानी की समस्या गर्मियों में और भी विकराल ही जाती है जब कुएं और हैण्ड पम्प भी सूख जाते हैं और निवासियों को दूसरे इलाकों में जाकर पानी लाना पड़ता है.

(साभार: इंडिया अनहर्ड)

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