जीविका

राजस्थान के छोटे से गांव का राजुराम । बड़ी मुश्किल से अपनी पढाई पूरी की और बीएड करने के लिए जब पेसो का बंदोबस्त नहीं हुआ तो बुढे पिता ने अपना खेत बेच कर पेसो का इंतजाम किया । इस आस में कि सरकारी नोकरी लग जायेगी तो परिवार को दो जून की रोटी नसीब हो जायेगी । लेकिन बदकिस्मती से खूब कोशिस करने के बावजूद भी नोकरी नहीं मिल पाई । तब तक विवाह भी हो गया और दो लडकिया और एक लड़का भी हो गया ।
 
- 'चार' और 'पद्मिनी माय लव' को सर्वश्रेष्ठ डॉक्युमेंट्री अवार्ड, तिची गोश्ता व सिल्वर गांधी को भी मिली सराहना
- विजेता डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं का काठमांडू में होगा सम्मान
 
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा द्वारा वेश्यावृति को कानूनी मान्यता दिलाने संबंधी बयान भले ही देश में बहस का मुद्दा बन गया हो लेकिन देश में वेश्यावृति के माध्यम से जीवन यापन करने वाली लाखों सेक्स वर्कर्स को सुरक्षा, गरिमा और स्वास्थ प्रदान करने का एक मात्र यही तरीका है। 
 

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