अन्य

मैं जन्म से हिंदू हूं और आम मध्यवर्गीय माहौल में पला-बढ़ा। मैं अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ा। मेरे दादा-दादी आर्यसमाज से जुड़े थे। हालांकि मेरे पिता ने दूसरा रास्ता अपनाया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान वह एक गुरु के प्रभाव में आ गए जिन्होंने ध्यान के माध्यम से भगवान से सीधे साक्षात्कार की संभावना के बारे में बताया। गुरु एक राधास्वामी संत थे, जो कबीर, नानक, मीराबाई, बुल्ले शाह और भक्ति व सूफी संप्रदाय के अन्य संत-कवियों की रचनाएं उद्द्धृत किया करते थे।

Author: 
गुरचरण दास

नोट के बदले वोट मामले मे तिहाड़ जेल मे सज़ा काट रहे राज्य सभा सदस्य अमर सिंह को स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से हाल मे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन के लिये मनोचिकित्सक परामर्श की आवश्यकता बतलायी है. समाजवादी पार्टी से अलगाव के बाद, राजनैतिक दांवपेंचों के महारथी माने जाने वाले अमर सिंह के लिए ये गिरफ्तारी एक और बड़ा झटका था. हालांकि  राजनैतिक खरीद फरोख्त में लिप्त पार्टियों के लिए ये एक कड़ा संकेत है.

Category: 

संयुक्तराष्ट्र संघ में अगर अब भी हिंदी नहीं आएगी तो कब आएगी ? हिंदी का समय तो आ चुका है लेकिन अभी उसे एक हल्के-से धक्के की जरूरत है| भारत सरकार को कोई लंबा चौड़ा खर्च नहीं करना है, उसे किसी विश्व अदालत में हिंदी का मुकदमा नहीं लड़ना है, कोई प्रदर्शन और जुलूस आयोजित नहीं करने हैं| उसे केवल डेढ़ करोड़ डॉलर प्रतिवर्ष खर्च करने होंगे, संयुक्तराष्ट्र के आधे से अधिक सदस्यों (96) की सहमति लेनी होगी और उसकी काम-काज नियमावली की धारा 51 में संशोधन करवाकर हिंदी का नाम जुड़वाना होगा| इस मुद्दे पर देश के सभी राजनीतिक दल भी सहमत हैं| सूरिनाम में संपन्न हुए पिछले विश्व हिंदी सम्मेलन में मैंने इस प्रस्ताव पर जब हस्ताक्षर करवाए तो सभी दलों के सांसद मित्रों ने सहर्ष उपकृत कर दिया|

सुप्रीम कोर्ट ने गोधरा कांड के बाद 2002 में गुजरात में भड़की हिंसा और दंगों पर कथित निष्क्रियता के आरोपों पर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई आदेश जारी करने से इनकार कर दिया. अदालत चाहती है कि यह मुकदमा ट्रायल कोर्ट में चलना चाहिए.

इसी के साथ मोदी को एक बडी राहत मिली है और माना जा रहा है कि राष्ट्रीय राजनीति में उनके प्रवेश का रास्ता अब सुलभ हो गया है.

Category: 

बेफिक्र हो जाइए। अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग घटने के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था दोहरी मंदी (डबल-डिप रिसेशन) में फंसने नहीं जा रही है। हालांकि ग्लोबल इकनॉमी की रफ्तार सुस्त हो रही है। मुमकिन है कि लंबे समय तक आर्थिक रफ्तार सुस्त रहे। अक्सर जब वित्तीय संकट से मंदी शुरू होती है तो ऐसा होता है। ऐसे में शेयर बाजार में गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका है। यह मंदी के निचले स्तरों तक नहीं जाएगा।

2 अगस्त को तकनीकी डिफॉल्ट से बचने के लिए अमेरिकी नेताओं के बीच वक्त रहते कर्ज सीमा बढ़ाने पर सहमति बन गई थी। आलोचकों का कहना था कि डेमोक्रेट और रिपब्लिकन नेताओं के बीच इस मामले पर टकराव 'राजनीतिक ठहराव' की निशानी है, जिसके भविष्य में गंभीर नतीजे हो सकते हैं। हालांकि यह सियासी ड्रामा ज्यादा था। इसी तरह का राजनीतिक तमाशा 1995 में भी हुआ था।

Author: 
स्वामीनाथन अय्यर

दिल्ली हाईकोर्ट परिसर के स्वागत कक्ष के बाहर कल आतंकवादियों ने एक शक्तिशाली बम विस्फोट को अंजाम दिया जिस में 11 लोगों की मौत हो गई और करीब 76 घायल हो गये. इसी के साथ एक बार फिर दिल्ली हिल गयी और आतंक के साथ भारत की जंग मे एक और पन्ना जुड़ गया. संसद भवन से करीब तीन किलोमीटर दूर इस वी आइ पी इलाके मे हुये हादसे ने भारतीय इंटेलिजेंस और सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ा दीं. नतीजतन एक और बार हर तरफ सिर्फ निंदा और क्षोभ का वातावरण है.

Category: 

आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपित निलंबित बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी एस  एस वर्मा के पटना स्थित घर को जिला प्रशासन ने हाल मे सील कर दिया.  सरकार इसमें स्कूल खोलने की तैयारी में है. इस तरह पहली बार भ्रष्टाचार के आरोपित किसी अधिकारी की संपत्ति को जब्त किया गया है. यह कार्रवाई बिहार विशेष न्यायालय (स्पेशल कोर्ट्स एक्ट 2009)  अधिनियम के तहत की गई है.

Category: 

बीते सप्ताह खाद्य महंगाई में एक बार फिर इजाफा हुआ और कई सप्ताहों के अंतराल के बाद वह एक बार फिर दो अंकों में पहुंच गई। ऐसा मुख्यतया प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी होने तथा प्रोटीन समृद्घ तथा महंगे खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बनी हुई तेजी की वजह से हुआ। आंकड़ों से तो यही संकेत मिलता है कि प्रोटीन समृद्घ पदार्थों की बनिस्बत खराब हो सकने वाले महंगे खाद्य पदार्थ महंगाई दर में कहीं अधिक योगदान कर रहे हैं।

Category: 

इस देश में महंगाई, जनसँख्या, मोबाइल समेत लगभग सभी कुछ बढ़ रहा है | अगर कुछ नहीं बढ़ रहा है तो वो हैं महिला लिंग अनुपात| (जन) लोकपाल की समस्या से भी ज्यादा बड़ी समस्या के बारे में पूरा देश हाथ पे हाथ धर के बैठा है | पिछले वर्ष महिला आरक्षण का डंका तो बड़े ज़ोर और शोर से बजाया गया पर जिस तरह से ये 14 वर्षों तक ठन्डे बस्ते में था उसी तरह ये मुद्दा फिर ठंडा पड़ गया है|

Category: 

संसद में जनलोकपाल की तीन मुख्य मांगों पर सहमति का प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का संदेश लेकर अन्ना के पास पहुंचे केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने इसे जनता के सामने पढ़कर सुनाया. इसी के साथ अन्ना ने अपने अनशन को समाप्त करने का ऐलान किया.आजाद भारत में इस अन्दोलन के ज़रिये एक नया इतिहास रचा गया. जनता ने सरकार को अहसास करा दिया कि अब उसको बरगलाया नहीं जा सकता.

Category: 

Pages