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Monday, February 01, 2016

पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने देश में 1991 में हुए आर्थिक सुधारों को भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय नरसिम्हा राव और तत्कालीन वित्तमंत्री डा. मनमोहन सिंह की ‘जुगलबंदी’ का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जीवित होते तो देश को आर्थिक सुधारों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता। वह आर्थिक सुधारों के प्रभाव व इसके पूर्व की व्यवस्था को रेखांकित करते वेबसाइट ‘इंडियाबिफोर91.इन’ का विमोचर कर रहे थे। इस वेबसाइट को थिंकटैंक सेंटर फॉर सिविल सोसायटी द्वारा...

Thursday, January 28, 2016

- सरकार से आर-पार के मूड में निजी स्कूल, संगठन बनाकर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
- सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे 2 लाख स्कूलों के 40 लाख अध्यापक, 4 करोड़ छात्रः निसा
   

6 से 14 वर्ष के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बने  शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून के कुछ दोषपूर्ण उपनियमों (18 व 19) के कारण प्रदेश के 2 हजार से अधिक स्कूलों पर तालाबंदी का खतरा उत्पन्न हो गया...

Monday, November 16, 2015

राजधानी में यदि शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत स्कूलों को मान्यता देने की व्यवस्था लागू की गई तो नए सत्र में करीब 1400 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय बंद हो जाएंगे। शिक्षा का अधिकार कानून के नियम 18 व 19 के अंतर्गत स्कूलों को मान्यता प्रदान करने के नियमों का वर्णन है। इनमें छात्र शिक्षक अनुपात, कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या, खेल का मैदान आदि बातों का जिक्र है।

 

सेंटर फॉर सिविल सोसायटी के...

Monday, November 16, 2015

‘हिंदी सीखो, हिंदी बोलो, हिंदी अपनाओ’ की भावुकतापूर्ण अपीलें कम नहीं हुई हैं, लेकिन समाज इन अपीलों को कितनी गंभीरता से ले रहा है, इसका अंदाजा स्कूली शिक्षा के ताजा आंकड़ों से हो जाता है। देश भर के स्कूलों से मिले ब्यौरों के आधार पर नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ एजुकेशन प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन के डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेंशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (DISE) की ओर से जारी इन आंकड़ों के मुताबिक 2008-09 से 2014-15 के बीच हिंदी माध्यम स्कूलों में नामांकन 25 फीसदी बढ़ा है, जबकि इंग्लिश मीडियम स्कूलों का नामांकन इस...

Monday, November 16, 2015
जैन पर्व पर्युषण को देखते हुए पिछले दिनों मांस खाने पर सरकार द्वारा लगाये गए प्रतिबन्ध को लेकर काफी विवाद हुआ। कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए। पर्युषण वैसे तो बीस दिन चलता है। फिर भी महारष्ट्र सरकार ने चार दिन तक जानवर वध और मीट की बिक्री पर बैन लगाया था। हालाँकि इस बैन में मछली बेचना और खाना बैन नहीं था क्योंकि सरकार की दलील थी कि मछली का वध नहीं किया जाता। वह पानी से निकालने पर खुद ब खुद मर जाती है। ये बैन महारष्ट्र से निकल, कुछ अन्य राज्यों में भी गया।  ...
Monday, November 16, 2015
सेंटर फार सिविल सोसायटी (सीसीएस) व एटलस नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आजादी.मी लेकर आए हैं पत्रकारों के लिए ipolicy (लोकनीति में सर्टिफिकेट) कार्यक्रम। उत्तराखंड के ऋषिकेश में 4-6 सितंबर, 2015 तक चलने वाले इस कार्यशाला में प्रस्तुति का माध्यम हिंदी होगी। इस कार्यशाला में आवेदन के लिए सभी भाषाओं (हिंदी, ऊर्दू, अंग्रेजी इत्यादि) के सभी माध्यमों (टीवी, रेडियो, समाचार पत्र, पत्रिकाओं इत्यादि) में कार्यरत श्रमजीवी पत्रकारों (स्थायी/अस्थायी) योग्य हैं। किंतु...
Monday, November 16, 2015
अदालती कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग के पक्ष में तीन मुख्य तर्क दिए जा सकते हैं। पहला, जब देश की संसद, चाहे राज्य सभा हो अथवा लोक सभा अथवा राज्यों के विधानसभा की कार्रवाई टीवी पर सजीव प्रसारित की जा सकती है तो फिर अदालतों के पास ऐसा क्या कारण है कि वे इसका विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट व बॉम्बे हाईकोर्ट तीनों ही पिछले पांच छह सालों में अलग अलग याचिकाओं में वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग को नकार चुके हैं।
 
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Monday, November 16, 2015
निजी स्कूलों की दाखिला प्रक्रिया से लेकर वहां ली जाने वाली फीस पर सूबे का सियासी पारा चढ़ सकता है। दिल्ली सरकार ने जहां इन दोनों मुद्दों पर निजी स्कूलों पर नकेल कसने की कवायद शुरू कर दी है, वहीं स्कूल प्रबंधक भी सरकार के ऐसे किसी भी कदम से निपटने के लिए लामबंद होना शुरू हो गए हैं। स्कूल प्रबंधक सरकार के किसी भी अंकुश के खिलाफ जहां सड़क पर उतर सकते हैं, वहीं इस मामले में वह न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।
 
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