ब्लॉग

Friday, January 15, 2010

जब 1991 में भारत में उदारवादी नीतियों को आत्मसात किया गया तो कई तरह के कयास और आशंकाएं जताई गई थीं, लेकिन आज लगभग दो दशक की इस अवधि में भारत...

Wednesday, January 13, 2010

सूचना का अधिकार (आरटीआइ) कानून का उद्देश्य प्रशासनिक और सरकारी जवाबदेही को सुनिश्चित करना रहा है, और अगर लोकतंत्र का कोई अंग इससे अछूता रहता तो इससे इस कानून का उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आता था।

लेकिन आरटीआइ से जुड़ा एक...

Friday, January 08, 2010

अगर इरादे बुलंद हैं तो आप अपनी जिंदगी बदल सकते हैं. ऐसा ही कुछ गुड़गांव के निकट स्थित ताजनगर गांव के लोगों की जिजीविषा के बारे में भी कहा जा सकता है। जिन्होंने लगभग तीन दशक पहले पैदा हुई इच्छा को आज पूरा कर दिखाया है। ताजनगर रेलवे स्टेशन (रेलवे अधिकारी इसे...

Wednesday, January 06, 2010

कुछ लोग कभी-कभी ऐसा मानते हैं कि बढ़ती जनसंख्या का दबाव भारत जैसे विकासशील देश के लिए अभिशाप है। दिल्ली पुलिस के सबसे बड़े अफसर पुलिस कमिश्नर युद्धवीर सिंह ढढवाल ने भी पिछले हफ्ते...

Thursday, December 31, 2009

देश के किसी भी हिस्से में अपराध नई बात नहीं है। असुरक्षा हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गई है। देश के ऐसे कई शहर हैं जहां घर में ताला लगा कर आप किसी काम से गए नहीं कि ताला अब टूटा, तब टूटा, सोने की चेन या...

Monday, December 28, 2009

सारी कवायद मात्र सत्ता पर आसीन होने के लिए है। जब एकमात्र उद्देश्य सत्ता पर काबिज होना हो तो सब चलता है, कोई भी अस्पृश्य नहीं रह जाता। कुछ ऐसा ही नजारा उस समय देखने को मिला जब 23 दिसंबर को झारखंड विधानसभा चुनाव नतीजे आए।

जनता ने किसी...

Thursday, December 24, 2009

दिल्ली के हर किसी ट्रैफिक सिग्नल पर यह रोज के नजारे हैं। बस या कार लाल बत्ती पर रुकती है तभी खिड़की के शीशे पर दस्तक होती है। कोई अपाहिज, दीन-हीन बुजुर्ग महिला या कोई फटेहाल बच्चा...

Friday, December 18, 2009

सबसे  अहम होता है जीने का अधिकार, फिर चाहे वह एक आम आदमी हो या फिर जेल या थाने में बंद कोई अपराधी ही क्यों न हो। उसके मानवाधिकार पर प्रहार सभ्य समाज के लिए सबसे दुखदायी है।...

Pages