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Friday, March 19, 2010

अगर पुरानी मान्यताओं पर नजर डालें तो पाएंगे कि पंचों को परमेश्वर माना जाता है और ऐसे में पंचायतों का फैसला यानी भगवान का फैसला। अगर यह पंच रुपी भगवान ही खुद को मिले अधिकारों का सदुपयोग न करें, तो इस जमीनी व्यवस्था के पीड़ितों के लिए क्या मायने रह जाते हैं? इस संबंध...

Monday, March 15, 2010

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से स्थानीय अखबारों में यह खबर सुर्खियों में है कि समान व नि:शुल्क शिक्षा अधिनियम के 1 अप्रैल से लागू होने के बाद अब तक कागजों पर दिखाए जाने वाला प्रवेश अब शासन द्वारा करवाया जाएगा, जिससे ये स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर 25 प्रतिशत बच्चों को...

Friday, March 12, 2010

ब्राजील में सॉकर, अमेरिका में बास्केटबॉल और भारत की ही तरह पाकिस्तान में क्रिकेट लोगों की के दिलों-जान में बसा है. कहा जाता है कि खेल को जज़्बे के साथ खेलना चाहिए। खेल कभी जुनून बन जाए तो बड़ी बात नहीं जुनून जब खेल बन जाए तो बात बिगड़ जाती है.

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Friday, March 05, 2010

बीते दो दशक की बात करें तो भारत में आर्थिक उदारीकरण के बाद लोगों ने उम्मीदों की नई रोशनी देखी. कई लोगों की जिंदगी बदल गई और कई लोग अपनी जिंदगी बदल रहे हैं. वैश्विकरण के माहौल ने कई लोगों के लिए दुनिया के द्वार खोल दिए. सफलता की कई कहानियों के कई पात्रों की मेहनत और लगन ने...

Friday, March 05, 2010

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि असली स्वराज कुछ लोगों के एकाधिकार से नहीं वरन् सत्ता के दुरूपयोग के उन्मूलन हेतु सभी की अर्जित क्षमता से संभव है। सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किए बिना वास्तविक गणतंत्र की परिकल्पना साकार करना असंभव है। काफी...

Thursday, March 04, 2010

आधुनिकता की दौड़ में सब लोग थोड़े-से दिमागी सुकून की दरकार रखते हैं। इसी के चलते तो अक्सर श्रद्धा, संस्कार और आस्था सरीखे धार्मिक और आध्यात्मिक चैनलों पर बाबाओं को प्रवचन देते हुए और लाखों की भीड़ को उन्हें ध्यान लगाकर सुनते हुए देखा जा सकता है। लेकिन अगर एक बाबा,...

Friday, February 26, 2010

अगर बढ़ते सड़क हादसों पर गौर करें तो पता चलता है कि जहां संपन्नता आने से वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है वहीं आधुनिक जीवनशैली के चलते जीवन में तनाव भी बढ़ा है। इसी के कारण विशेषज्ञ मानते हैं कि सर्वाधिक हादसे दोपहर और शाम के बीच होते हैं। यानी जरूरत जहां...

Thursday, February 25, 2010

इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी, गोल्फ खिलाड़ी टाइगर वुड और भारतीय राजनीतिज्ञ नारायण दत्त तिवारी में एक असम्मानजनक समानता है. तीनों नाम अलग-अलग देशों और अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गजों के हैं। लेकिन अगर इन लोगों के कृत्यों पर नजर डालें तो काफी...

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