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Friday, February 04, 2011

विद्युत क्षेत्र की बात की जाए तो वितरण का मुद्दा लंबे समय से विवादित रहा है। जब भी विद्युत क्षेत्र में सुधार पर कोई भी चर्चा होती है तो वह सीधे बिजली के वितरण और पारेषण में होने वाले नुकसान पर केंद्रित हो जाती है जिसे प्राय: बिजली चोरी भी कहा जाता है। मुफ्त बिजली, उलझे तार, अवैध कनेक्शन, जले हुए ट्रांसफॉर्मर, गलत बिलिंग, बकाया बिल आदि तमाम गड़बडिय़ों के लिए वितरण को जिम्मेदार ठहराया जाता है और संभवत: यह सही भी है। विद्युत उत्पादन एक ऐसा बिंदु है जो अधिकांश लोगों को उत्साहित कर देता था। धीरे धीरे ही सही लेकिन...

Thursday, February 03, 2011

सुप्रीम कोर्ट ने हाल मे सरकार से पूछा कि वह विदेशी बैंकों में ब्लैक मनी जमा करने वाले भारतीय नागरिकों के नाम उजागर करने में आखिर अनिच्छुक क्यों है? विदेशी बैंकों में जमा काले धन के जरिए हथियार सौदों और मादक पदार्थों की तस्करी होने की आशंका को लेकर चिंता जताते हुए, कोर्ट ने ये भी पूछा कि सरकार ने विदेशों में खाता रखने वाले व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं।

एक अनुमान के मुताबिक आजादी के बाद से अब तक देश की 462 अरब डॉलर की ब्लैक मनी विदेशों में जमा है। स्विस...

Wednesday, February 02, 2011

चर्चित विचारक फरीद जकारिया अरब जगत में लोकतंत्र न होने के दो कारण बताते हैं-पहला, लोकतंत्र को संस्थागत आधार प्रदान करने के लिए उदार संविधानवाद और पूंजीवाद का अभाव और दूसरा, इनमें से कुछ देशों का ‘ट्रस्ट फंड देश होना’, जहां गरीबी नहीं, बल्कि आसानी से मिलने वाली समृद्धि ही समस्या है। जहां तक पहले का संबंध है, उन्होंने पाया कि पश्चिम को वहां लोकतंत्र के लिए शीघ्रता नहीं करनी चाहिए और दूसरे के संबंध में उन्हें लगा कि बाजार पूंजीवाद के अभाव ने लोकतंत्र के संस्थानीकरण को मुश्किल बना दिया है। शायद बीस वर्ष पहले पूर्वी...

Tuesday, February 01, 2011

क्या खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार कागजी वायदों के सिवाय कुछ ठोस उपायों के बारे में सोच सकती है? हमारा मानना है कि अमूल की तर्ज पर किसानों को कोऑपरेटिव और कंपनियों के रूप मे संगठित किया जाना चाहिए और इन एजेंसियों के जरिए व्यवस्थित रीटेल बनाया जाना चाहिए।

प्राय: मुद्रास्फीति से निपटने के लिए सरकार फाइलें खोलती है और कुछ कागजी कार्रवाई करती है। इस के बाद कर्ज की उपलब्धता में कमी की जाती है, निर्यात पर रोक लगाई जाती है, आयात के नियमों में ढील दी जाती...

Monday, January 31, 2011

सरकार चंद पूंजीपतियों के लिए रियायतों का अंबार लगा रही है और करोड़ों लोगों की खाद्य सुरक्षा के लिए उसके पास न अनाज है और न पैसे का कोई बंदोबस्त. इंडिया शाइनिंग के इस दौर में सरकार को हजारों करोड़ रुपये का अनाज सड़ा देना मंजूर है. नहीं मंजूर है तो 8 करोड़ से ज्यादा लोगों की भूख को मिटाने के वास्ते उस सड़ते हुए अनाज में से गरीबों के लिए थोड़ा-सा हिस्सा बांटना.

हकीकत यह है कि आजादी के 63 सालों में प्रति व्यक्ति अनाज की उपलब्धता बढ़नी चाहिए थी जो लगातार घटती ही जाती है. आजादी के...

Friday, January 28, 2011

देश में राजनीति के प्रति लोगों की उदासीनता को देखते हुए 25 जनवरी को देश में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाये जाने का संकल्प लिया गया है पर क्या मात्र इस कदम से देश में मतदाताओं में कोई जागरूकता आने वाली है? शायद नहीं क्योंकि हम भारत के लोग कभी भी किसी बात को संजीदगी से तब तक नहीं लेते हैं जब तक पानी सर से ऊपर नहीं हो जाता है. देश में गाँवों आदि में तो फिर भी लोग वोट देने के लिए चले जाते हैं पर हमारे तथाकथित पढ़े लिखे सभी समाज की चुनावों में क्या भूमिका होती है उसको हम सभी जानते हैं. आज...

Thursday, January 27, 2011

समूचे भारत वर्ष में उल्लास के साथ गणतंत्र दिवस की 61 वीं सालगिरह मनायी गयी। इन 61 सालों में देश के विकास के बारे में यदि दृष्टि डाली जाये तो ना तो यह कहना सही होगा कि हमने कुछ भी हासिल नहीं किया है और ना ही यह कहना सही होगा कि हमने सब कुछ पा लिया है। हां विकास की गति पर जरूर मतभेद हो सकते है।

इन 61 सालों के प्रजातांत्रिक सफर में गण याने आम आदमी तो लगभग गौण हो चुका है। इसका स्थान गण के द्वारा चुने गये जन प्रतिनिधयों ने ले लिया जो कि उनका ध्यान पांच साल में सिर्फ एक बार एक महीने...

Tuesday, January 25, 2011

आमतौर पर लोग सोचते हैं कि गरीबों के लिए अनुदान सहायता (डॉनर एड) के रूप में लोक शिक्षा पर अरबों-खरबों डॉलर और अधिक खर्च करने की जरूरत है। लेकिन यह इस सच्चाई को नजरंदाज करता है कि गरीब अभिभावक सरकारी स्कूलों को छोड़ कर अपने बच्चों को बजट प्राइवेट स्कूलों में भेज रहे हैं। ये बजट प्राइवेट स्कूल बहुत कम शुल्क लेते हैं, जो दिहाड़ी पर काम करने वाले अत्यधिक गरीब अभिभावकों द्वारा आसानी से वहन किया जा सकता है।

हालिया रीसर्च में पाया गया कि भारत एवं अफ्रीकी उप-सहारा क्षेत्र के कुछ खास...

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