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Saturday, November 07, 2020

जन्म- 7 नवम्बर, 1900, मृत्यु- 9 जून, 1995

प्रसिद्ध समाजवादी और कृषक नेता एन.जी. रंगा का जन्म आन्ध्र प्रदेश के गुंटूर ज़िले में 7 नवम्बर, 1900 ई. को हुआ था। इनका पूरा नाम गोगिनेनी रंगा नायकुलु था। इनके बचपन में ही माता-पिता का निधन हो गया था। इनकी विधवा चाची ने उनका पालन-पोषण किया। गुंटूर में स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद एन.जी. रंगा 'आई. सी. एस.' की परीक्षा देने के उद्देश्य से 1920 में इंग्लैण्ड गए, परन्तु '...

Thursday, November 05, 2020

फिरोजशाह मेहता का जन्म 4 अगस्त 1845  को बंबई (अब मुंबई) के एक संपन्न पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने मुंबई से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी और मुंबई के एल्फिंस्टोन कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी।

साल 1864 में उन्होंने एमए  की परीक्षा उत्तीर्ण की। वे मुंबई से मास्टर्स करने वाले पहले व्यक्ति थे। इसके बाद वे वकालत की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए और 1868 में लॉ की डिग्री हासिल कर भारत वापस लौटे। बाद में...

Sunday, November 01, 2020

देश में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने फिलहाल प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही थोक व खुदरा व्यापारियों के लिए प्याज के भंडारण की नई सीमा भी तय कर दी है। नए नियम के तहत खुदरा व्यापारी जहां 2 टन प्याज का भंडार कर सकते हैं वहीं थोक व्यापारियों के द्वारा भंडारण की सीमा 25 टन निश्चित की गई है। यह तब है जबकि कुछ ही समय पूर्व प्याज सहित अन्य वस्तुओं को आवश्यक वस्तु अधिनियम से बाहर करते हुए इसके भंडारण की अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया गया था। सरकार के इस कदम...

Thursday, October 29, 2020

मोदी सरकार ने कृषि सुधार के लिए जिन दो बिलों को लोकसभा और राज्यसभा से पास करवाया है उसमें एक का संबंध कांट्रैक्ट फार्मिंग यानी अनुबंध खेती से है। सरकार का जहां इसे किसानों विशेषकर छोटे व सीमांत किसानों के लिए फायदेमंद बता रही है वहीं कुछ किसान समूह व राजनैतिक दल इसे एक छलावा बता रहे हैं। उनका कहना है कि नए प्रावधानों के कारण किसान अपनी ही जमीन पर मजदूर बन जाएगा और सारा फायदा कंपनी उठा ले जाएगी। इस विषय पर “आजादी.मी” ने किसानों के देश के सबसे बड़े संगठन शेतकरी संगठन...

Friday, October 02, 2020

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के मुख्य प्रणेता, बापू के नाम से विख्यात राष्ट्रपिता महात्मा गांधी यानी मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था। इस प्रकार यह उनकी 151वीं जयंती है। बापू सत्याग्रह (व्यापक सविनय अवज्ञा) के माध्यम से अत्याचार विरोधी अभियान के अग्रणी नेता थे। उनकी इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धान्त पर आधारित थी। इसी सिद्धांत के आधार पर उन्होंने भारत को आजादी दिलाई और समस्त विश्व को नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के प्रति आन्दोलन के लिये प्रेरित किया।...

Thursday, October 01, 2020

जन्मदिन मुबारकः
प्रमुख भारतीय उदारवादी चिंतक हृदयनाथ कुंजरु का जन्म 1 अक्टूबर 1887 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम पंडित अयोध्या नाथ कुंजरु और माता का नाम जनकेश्वरी था। वह लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे और चार दशकों तक संसद और विभिन्न परिषदों को अपनी सेवाएं दी। वर्ष 1946 से 1950 तक वह उस कांस्टिटुएंट असेम्बली ऑफ इंडिया के सदस्य भी रहे जिसने भारत का संविधान तैयार किया था।

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Tuesday, September 29, 2020

ऑस्ट्रियन अध्ययन-शाला के अंतिम अर्थशास्त्री लुडविग एडलर वॉन मिज़ीस का आज 139वां जन्मदिन है। आज ही के दिन यानी 29 सितंबर 1881 को उनका जन्म युक्रेन में हुआ था। उन्होंने अपनी डॉक्टरेट की मानद उपाधि कानून और अर्थशास्त्र में विएना विश्वविद्यालय से 1906 में प्राप्त की। ‘मुद्रा और उधार का सिद्धांत’ (The Theory of Money and Credit) इनकी सबसे प्रसिद्ध कृति है, जो 1912 में प्रकाशित हुई। मुद्रा और बैंकिंग के अध्ययन के लिए इस पुस्तक का उपयोग दो दशकों तक हुआ। मिज़ीस ने ऑस्ट्रियाई मार्जिनल यूटिलिटी थ्योरी...

Saturday, September 26, 2020

जन्मदिन विशेषः महान समाज सुधारक, लेखक, शिक्षाविद् और संस्कृत के विद्वान ईश्वर चंद विद्यासागर का जन्म 26 सितंबर 1820 को ब्रिटिश इंडिया की बंगाल प्रेसिडेंसी में हुआ था। उनका वास्तविक नाम ईश्वर चंद बंदोपाध्याय था। विभिन्न मुद्दों पर उनके ज्ञान और समाज में क्रांतिकारी बदलावों के लिए किये जाने वाले कार्यों के चलते लोगों ने उन्हें विद्यासागर का उपनाम दिया। ईश्वर चंद ताउम्र सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण करते रहें।। महिलाओं की शिक्षा और स्थिति में बदलाव के प्रति उनका योगदान उल्लेखनीय है। ईश्वर...

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