ब्लॉग

Thursday, November 07, 2013

यदि इतिहास हमें कोई सबक सिखा सकता है तो वह यह है कि सभ्यता और निजी संपत्ति के बीच अभिन्न संबंध रहा है.. लुडविग वोन माइसेस

Monday, October 07, 2013
"सागर में समाकर अपनी पहचान खो बैठने वाली पानी की बूंद से इतर, मनुष्य समाज में रहकर भी अपनी पहचान नहीं खोता है।
मानव जीवन स्वतंत्र होता है। मनुष्य का जन्म केवल समाज की उन्नति के लिए नहीं बल्कि स्वयं की उन्नति के लिए होता है..."
 
- डा. भीमराव अंबेडकर
Tuesday, September 17, 2013
"कोई व्यक्ति किसी 'और' के धन को उतना ध्यानपूर्वक खर्च नहीं करता जितना कि स्वयं के धन को, कोई व्यक्ति किसी 'और' के संशाधननों का उपयोग उतना ध्यानपूर्वक नहीं करता जितनी कि स्वयं के संशाधनों का। अतः यदि आप दक्षता और प्रभावशीलता चाहते हैं, यदि आप ज्ञान का समुचित उपयोग चाहते हैं तो आपको ऐसा निजी स्वामित्व प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है"।
- मिल्टन फ्रीडमैन
Friday, September 13, 2013
जाने-माने शिक्षाविद, CABE कमेटी के सदस्य और विज्ञानकर्मी डॉ विनोद रैना का गुरूवार की शाम दिल्ली में निधन हो गया वे 62 वर्ष के थे। वे कैंसर से पीड़ित थे और पिछले लम्बे समय से दिल्ली राज्य कैंसर चिकित्सालय, शाहदरा में भर्ती थे। दिल्ली विश्वविद्यालय में मूलतः भौतिकी के प्रोफ़ेसर रहे डॉ रैना ने शिक्षा और साक्षरता के लिए आन्दोलन को अपने जीवन का लक्ष्य बनाते हुए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और ताजिंदगी प्राथमिक शिक्षा व विज्ञानं के लोकव्यापीकरण के लिए कार्य करते रहे। उन्होंने मध्य प्रदेश में भारत ज्ञान विज्ञानं...
Wednesday, August 28, 2013

सेंटर फॉर सिविल सोसायटी  (सीसीएस) और सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन (सीएसएफ) द्वारा फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के संयुक्त तत्वावधान में फेडरेशन हाउस में 29 अगस्त 2013 को राइट टू एजुकेशन पोर्टल की लॉंचिंग की जा रही है। उद्घाटन समारोह के दौरान सांसद श्री नवीन जिंदल और श्री प्रकाश जावडेकर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे।

लॉंचिंग के दौरान पोर्टल के बाबत जानकारी सीसीएस के अध्यक्ष पार्थ जे शाह द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। इस मौके पर ‘...

Monday, August 19, 2013

डॉलर के मुकाबले रूपया अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। सरकार और नीति निर्धारकों द्वारा रूपये को गिरने से बचाने के लिए तमाम कृत्रिम जतन किए जा रहे हैं लेकिन इससे रूपए की सेहत पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है। उधर, विभिन्न दलों के बीच इस बाबत राजनीति भी जम कर हो रही है। रूपए की इस हालत के लिए सभी एक दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं। देखें एक मजमून: 

 

ममता बैनर्जी :- रूपये की कोमजोरी का जिम्मेदार लेफ्ट फ्रोंट हॉय ,...

Saturday, August 17, 2013

ऑस्ट्रियन-ब्रिटिश अर्थशास्त्री फ्रेडरिक आगस्टस हायक (1899-1992) ने क्या खूब कहा है, कि समानता के लिए कार्य करना और समान व्यवहार करना दोनों बिल्कुल अलग अलग चीजे हैं। उनका मानना था कि यदि समाज में वास्तव में समानता लानी है तो आपको उसके लिए बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाने की जरूरत नहीं है। आपको बस करना ये है कि आगे से सबके साथ समान व्यवहार करना शुरू कर दें।

Sunday, August 04, 2013

सरकार और सरकारी एजेंसिया लोकहित, रोजगार सृजन और नैतिक जिम्मेदारी के निर्वहन के नाम पर किस प्रकार से काम करती हैं और उनका क्या हश्र हो सकता है? यह नीचे प्रस्तुत लघु कथा में वर्णित वाकए से स्पष्ट हो जाता है। इस लघु कथा के माध्यम से यह भी बताने की कोशिश की गई है कि महज इमानदारी से कार्य करने की जिम्मेदारी के निर्वहन भर से ही योजना सफल नहीं होती। सरकारी रोजगार गारंटी योजना के तहत भी कमोवेश यही हो रहा है... 

A man stopped at a local gas station and after filling his tank, he paid the bill and bought a...

Pages