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Thursday, October 01, 2020

जन्मदिन मुबारकः
प्रमुख भारतीय उदारवादी चिंतक हृदयनाथ कुंजरु का जन्म 1 अक्टूबर 1887 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम पंडित अयोध्या नाथ कुंजरु और माता का नाम जनकेश्वरी था। वह लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे और चार दशकों तक संसद और विभिन्न परिषदों को अपनी सेवाएं दी। वर्ष 1946 से 1950 तक वह उस कांस्टिटुएंट असेम्बली ऑफ इंडिया के सदस्य भी रहे जिसने भारत का संविधान तैयार किया था।

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Tuesday, September 29, 2020

ऑस्ट्रियन अध्ययन-शाला के अंतिम अर्थशास्त्री लुडविग एडलर वॉन मिज़ीस का आज 139वां जन्मदिन है। आज ही के दिन यानी 29 सितंबर 1881 को उनका जन्म युक्रेन में हुआ था। उन्होंने अपनी डॉक्टरेट की मानद उपाधि कानून और अर्थशास्त्र में विएना विश्वविद्यालय से 1906 में प्राप्त की। ‘मुद्रा और उधार का सिद्धांत’ (The Theory of Money and Credit) इनकी सबसे प्रसिद्ध कृति है, जो 1912 में प्रकाशित हुई। मुद्रा और बैंकिंग के अध्ययन के लिए इस पुस्तक का उपयोग दो दशकों तक हुआ। मिज़ीस ने ऑस्ट्रियाई मार्जिनल यूटिलिटी थ्योरी...

Saturday, September 26, 2020

जन्मदिन विशेषः महान समाज सुधारक, लेखक, शिक्षाविद् और संस्कृत के विद्वान ईश्वर चंद विद्यासागर का जन्म 26 सितंबर 1820 को ब्रिटिश इंडिया की बंगाल प्रेसिडेंसी में हुआ था। उनका वास्तविक नाम ईश्वर चंद बंदोपाध्याय था। विभिन्न मुद्दों पर उनके ज्ञान और समाज में क्रांतिकारी बदलावों के लिए किये जाने वाले कार्यों के चलते लोगों ने उन्हें विद्यासागर का उपनाम दिया। ईश्वर चंद ताउम्र सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण करते रहें।। महिलाओं की शिक्षा और स्थिति में बदलाव के प्रति उनका योगदान उल्लेखनीय है। ईश्वर...

Sunday, September 20, 2020

पूंजीवाद संपत्ति पैदा करवाता है बड़े सहज ढंग से । किसी के पीछे कोई कोड़ा नहीं है, किसी के पीछे कोई बंदूक नहीं है। लेकिन व्यक्ति की अपनी छोटी सी दुनिया है, उसकी अपनी प्रेरणा है। अगर मेरी पत्नी बीमार है तो मैं रातभर काम कर सकता हूं। लोकिन कोई कहे कि मनुष्यता बीमार है तो सोचूंगा –होगी। मनुष्यता तो इतने दूर की बात हो जाती है कि उससे कोई संबंध नहीं बनता। उससे कोई प्रेरणा पैदा नहीं होती। अगर कोई मुझसे कहता है कि मेरे बेटे को पढ़ाना है तो मैं गड्ढा खोद सकता हूं भरी धूप में। लेकिन कोई मुझे कहता है कि...

Monday, September 14, 2020

मैं हिंदी हूँ, मैं भाषा हूँ। मैं राष्ट्रगौरव की अभिलाषा हूँ।।
मैं सज्जा हूँ, मैं जीवन हूँ। मैं भावों का दर्पण हूँ।।
मैं अमृत हूँ, मैं संगत हूँ। मैं प्रेम की चिर यौवन हूँ।।
मैं हिंदी हूँ, मैं भाषा हूँ। मैं राष्ट्रगौरव की अभिलाषा हूँ।।

 मैं माँ-सम हूँ, मैं अम्बर हूँ। मैं सुंदर और मनोहर हूँ।।
मैं मीठी हूँ, मैं अनूठी हूँ। मैं सुघरता की धरोहर हूँ।।
    मैं हिंदी हूँ...

Monday, September 14, 2020

दुनिया भर में 67 करोड़ लोगों के द्वारा प्रयुक्त की जाने वाली ‘हिंदी’ विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। मैंड्रिन (चीनी) और अंग्रेजी का स्थान क्रमशः पहला और दूसरा है। दुनिया भर में एक ओर जहां तमाम भाषाएं विलुप्त हो रही हैं और उनके संरक्षण और संवर्द्धन के लिए अनेक कदम उठाने की जरूरत पड़ रही है वहीं हिंदी का प्रसार दिन दूनी रात चौगुनी गति से हो रहा है। लेकिन ऐसा हमेशा से ही नहीं था। आजादी के पहले व बाद में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए व्यक्तिगत और संस्थागत स्तर पर प्रयास किए जाते...

Friday, September 11, 2020

सर होर्म्सजी फ़िरोज़शाह मोदी को सर होमी मोदी के नाम से जाना जाता है। वह एक प्रसिद्ध पारसी व्यवसायी थे, जो टाटा समूह से जुड़े और भारत के प्रशासक बने। वह 1929 से 1943 तक 14 वर्षों के लिए भारतीय विधान सभा के सदस्य थे। उन्होंने वायसराय की कार्यकारी परिषद में अपनी सेवाएं प्रदान की थी। होमी मोदी को भारत की संविधान सभा के सदस्य के रूप में भी चुना गया था। मुंबई में एक सड़क का नाम उनके नाम पर ‘सर होमी मोदी स्ट्रीट’ रखा गया है।

होमी...

Thursday, September 03, 2020

शेतकरी संगठन के संस्थापक शरद अनंतराव जोशी का जन्म 3 सितंबर 1935 को हुआ था। आरंभिक जीवन में वह एक प्रोफेसर और ब्यूरोक्रैट थे किंतु उन्हें सबसे ज्यादा प्रसिद्धि और आदर उनके द्वारा किसानों के अधिकारों के लिए छेड़ी गई मुहिम के कारण प्राप्त हुई। वे एक ऐसे विरले भारतीय उदारवादी चिंतक थे जिन्होंने वातानुकूलित कमरे की बजाए धरातल पर काम किया।

भारत सरकार की नौकरी छोड़कर वे स्विट्जरलैंड चले गए। लेकिन वर्ष 1977 में वे वह स्विटजरलैंड में...

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