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Wednesday, August 27, 2014

विगत कुछ समय से पंजाब में ड्रग्स के सेवन करने वालों की संख्या में हुई वृद्धि ने शासन प्रशासन सहित स्थानीय जनता के माथे पर चिंता की लकीरें पैदा कर दी है। तमाम प्रयासों के बावजूद वहां ड्रग्स का सेवन करने वालों की संख्या में कमी नहीं आ पायी है। यहां तक कि देशभर में पिछली कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल खड़ा करने में सफल रही भारतीय जनता पार्टी को पंजाब में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। यह घटना बताने के लिए काफी थी कि लोगों के लिए यह मुद्दा कितना महत्वपूर्ण था।

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Tuesday, August 26, 2014

जिन लोगों को ये लगता हो कि किसानों की समस्या का एकमात्र समाधान सब्सिडी है, तो उन्हें न्यूजीलैंड देश से कुछ सबक सीखना चाहिए..। न्यूजीलैंड एकमात्र देश है जो दुनिया का एकमात्र विकसित देश है जहां कृषि कार्य के लिए कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है। वास्तव में, कृषि क्षेत्र से सब्सिडी हटाने के बाद वहां इस क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति  हुई। आज न्यूजीलैंड द्वारा विश्व को किए जाने वाले कुल निर्यात में दो तिहाई हिस्सा कृषि उत्पादों का है..

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Monday, August 11, 2014
शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आठवीं कक्षा तक के बच्चों को फेल नहीं किया जा सकता है. ऐसे में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हालत इतनी खराब है कि जब वही बच्चे नौवीं कक्षा में पहुंचते हैं, तो उनमें से 50 फीसदी फेल हो जाते हैंः आजतक
 
बजट प्राइवेट स्कूलों के राष्ट्रव्यापी संगठन, नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल असोसिएशन (निसा) के अध्यक्ष आर.सी. जैन द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के...
Wednesday, August 06, 2014

यदि मनुष्य की नैसर्गिक प्रवृत्ति (स्वभाव) इतनी बुरी है कि उसे आजाद छोड़ना सुरक्षित नहीं तो ऐसी सोच रखने वाले या ऐसी व्यवस्था करने वालों की प्रवृत्ति हमेशा सही ही कैसे हो सकती है? क्या विधायिका (सरकार) में शामिल और उनके द्वारा नियुक्त लोग मानव जाति से संबंध नहीं रखते हैं? या फिर उन्हें लगता है कि अन्य लोगों की तुलना में वे उच्च कोटि (गुणवत्ता) की मिट्टी से बने हुए हैं???

- फ्रेडरिक बास्तियात

Saturday, August 02, 2014

इतिहास गवाह है कि दुनिया भर की सरकारों द्वारा जिस भी चीज के खिलाफ मुहिम छेड़ी गई उस चीज में उतनी ही बढ़ोत्तरी हुई। सरकारों ने भूख, गरीबी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, नशा, आतंकवाद जिसके खिलाफ भी युद्ध छेड़ा दुनिया में उक्त चीजों में कमी आने की बजाए वृद्धि ही हुई है। आशा है कि सरकार आने वाले समय में धन के खिलाफ युद्ध छेड़े ताकि देश में धन की मात्रा में वृद्धि हो..

Friday, August 01, 2014
भारतीय प्रशासनिक सेवा को छोड़कर सिविल सोसायटी और फिर स्वर्ण भारत पार्टी नामक उदारवादी राजनैतिक दल का गठन करने वाले संजीव सबलोक ने हाल ही में प्रकाशित हुई किताब "पूंजीवाद की नैतिकता" और इसमें शामिल सामग्री की सराहना की है। उन्होंनें विश्वास जताया कि लोगों को यह किताब न केवल पसंद आएगी बल्कि पूंजीवाद के प्रति उनके पूर्वाग्रह को भी समाप्त करने में सफल रहेगी। उन्होंनें ज्यादा से ज्यादा उदारवादी वैश्विक पाठ्य सामग्रियों के हिंदी अनुवाद की जरुरत पर बल दिया। 
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Tuesday, July 08, 2014
अंग्रेजी के सात सबसे भयानक शब्द हैं, " आय'एम फ्रॉम द गवर्मेंट एंड आय'एम हियर टू हेल्प..." (मैं सरकारी व्यक्ति हूं और यहां आपकी मदद के लिए आया हूं)
 
- रोनाल्ड रीगन
Monday, June 23, 2014
सरकार के तीन प्राथमिक कार्य होते हैं-
 
पहला, देश के लिए सैन्य सुरक्षा उपलब्ध कराना।
 
दूसरा, लोगों के बीच हुए अनुबंधों को पूरा कराना।
 
और तीसरा, लोगों को उनके व उनकी संपत्तियों के विरुद्ध होने वाली आपराधिक गतिविधियों से सुरक्षा प्रदान कराना।
 
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