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Saturday, August 02, 2014

इतिहास गवाह है कि दुनिया भर की सरकारों द्वारा जिस भी चीज के खिलाफ मुहिम छेड़ी गई उस चीज में उतनी ही बढ़ोत्तरी हुई। सरकारों ने भूख, गरीबी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, नशा, आतंकवाद जिसके खिलाफ भी युद्ध छेड़ा दुनिया में उक्त चीजों में कमी आने की बजाए वृद्धि ही हुई है। आशा है कि सरकार आने वाले समय में धन के खिलाफ युद्ध छेड़े ताकि देश में धन की मात्रा में वृद्धि हो..

Friday, August 01, 2014
भारतीय प्रशासनिक सेवा को छोड़कर सिविल सोसायटी और फिर स्वर्ण भारत पार्टी नामक उदारवादी राजनैतिक दल का गठन करने वाले संजीव सबलोक ने हाल ही में प्रकाशित हुई किताब "पूंजीवाद की नैतिकता" और इसमें शामिल सामग्री की सराहना की है। उन्होंनें विश्वास जताया कि लोगों को यह किताब न केवल पसंद आएगी बल्कि पूंजीवाद के प्रति उनके पूर्वाग्रह को भी समाप्त करने में सफल रहेगी। उन्होंनें ज्यादा से ज्यादा उदारवादी वैश्विक पाठ्य सामग्रियों के हिंदी अनुवाद की जरुरत पर बल दिया। 
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Tuesday, July 08, 2014
अंग्रेजी के सात सबसे भयानक शब्द हैं, " आय'एम फ्रॉम द गवर्मेंट एंड आय'एम हियर टू हेल्प..." (मैं सरकारी व्यक्ति हूं और यहां आपकी मदद के लिए आया हूं)
 
- रोनाल्ड रीगन
Monday, June 23, 2014
सरकार के तीन प्राथमिक कार्य होते हैं-
 
पहला, देश के लिए सैन्य सुरक्षा उपलब्ध कराना।
 
दूसरा, लोगों के बीच हुए अनुबंधों को पूरा कराना।
 
और तीसरा, लोगों को उनके व उनकी संपत्तियों के विरुद्ध होने वाली आपराधिक गतिविधियों से सुरक्षा प्रदान कराना।
 
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Friday, June 06, 2014
ब्रिटेन के मतदाताओं को अपना एमपी वापस बुला लेने का हक मिल गया है। अगर किसी क्षेत्र के मतदाताओं को लगता है कि उनके सांसद का बर्ताव खराब है तो उस क्षेत्र के दस फीसदी रजिस्टर्ड वोटर आठ सप्ताह के भीतर अपने हस्ताक्षर के साथ उसके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। रिकॉल ऑफ एमपीज बिल के तहत यह व्यवस्था की गई है कि ऐसे हालात में उस सांसद की सीट खाली हो जाएगी और उसे दोबारा भरने के लिए उप चुनाव कराए जाएंगे।
 
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Monday, June 02, 2014
कोई और, किसी और के धन को उतना ध्यानपूर्वक खर्च नहीं करता जितना कि 'वह' स्वयं। कोई और, किसी और के संसाधनों को उतना ध्यानपूर्वक प्रयोग नहीं करता जितना कि 'वह' स्वयं। अतः यदि आप 'दक्षता' और 'कारगर तरीके' की उम्मीद करते हैं, और यदि आप चाहते हैं कि ज्ञान का सदुपयोग हो, तो आपको संपत्ति के निजी तरीके को अपनाना ही होगा.. 
 
- मिल्टन फ्रीडमैन
Monday, May 19, 2014

एक सरकार जो इतनी समर्थ हो कि आप जो चाहें आपको दे सके तो जान लें कि वह इतनी समर्थ भी होगी कि आपके पास जो कुछ भी है उसे छीन सके...

- थॉमस जेफरसन
Thursday, May 08, 2014

यह जितना उत्साहजनक है कि अब सीबीआइ को भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे नौकरशाहों के खिलाफ जांच आगे बढ़ाने के लिए सरकारी मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा वहीं यह उतना ही निराशाजनक कि इसे उचित ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ को आगे आना पड़ा।

इसकी जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि सरकार ने यह प्रावधान बना रखा था कि वरिष्ठ नौकरशाहों के खिलाफ जांच के लिए उसकी मंजूरी आवश्यक है। इस प्रावधान के चलते कई बार सीबीआइ भ्रष्टाचार के गंभीर...

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