ब्लॉग

Saturday, December 05, 2020

- संसद में विस्तृत चर्चा की बजाए लाए गए अध्यादेश ने डाला डर का बीज
- पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा किसानों को दिखाए गए सब्ज़बाग की विफलता से डिगा है भरोसा
- भूमि सुधार और निजी सुरक्षा प्रदान करने के क्षेत्र में अभी बहुत कुछ करने का है स्कोप

किसान संगठनों के नेतृत्व में भारी तादाद में किसानों ने पिछले कई दिनों से दिल्ली को घेर रखा है। ये किसान मोदी सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में सुधार के प्रयास के तहत...

Friday, November 20, 2020

एक मुक्त अर्थव्यवस्था का मतलब है सरकार की भूमिका काफी हद तक सीमित ही होगी। सामाजिक नियंत्रण भी बहुत ज्यादा सीमित रखना होगा। नियंत्रण की सोच का आधार ही यह है कि वह उसी वक्त हस्तक्षेप करे जब लोग कोई गलत कदम उठाएं। आप किसी व्यक्ति को चोरी से रोकते  हो, किसी दूसरे को पीटने से रोकते हो, किसी को ठगने से रोकते हो, मालिक को नौकर को ठगने सो रोकते हो-यह जायज है। लेकिन आप किसी व्यक्ति को उसका काम करने से नहीं रोकते। इसलिए नियंत्रण तो पुलिसी उपाय है ताकि किसी को वह काम करने से रोका जाए जो उसे नहीं...

Sunday, November 08, 2020

सर्वप्रथम मैं यहाँ साफ कर देना चाहता हूँ कि हम यहाँ किस प्रकार की समानता की बात कर रहे हैं। हम यहाँ कानून के समक्ष हर आदमी की समानता की बात नहीं कर रहे हैं, जिसमें आपकी जाति, धर्म, लिंग, वर्ग, इत्यादि से ऊपर उठ कर आपको देखा जाता है तथा आप दोषी हैं या निर्दोष यह सिर्फ इस आधार पर तय होता है कि आपने कोई अपराध किया है या नहीं। यही पश्चिमी सभ्यता का आधार है। यद्यपि प्रायः हम इस पर पूर्णतः खरे नहीं उतर पाते हैं और मुक्षे आशंका है कि कोई कल इस धारणा का विरोध न करने लगे।

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Saturday, November 07, 2020

जन्म- 7 नवम्बर, 1900, मृत्यु- 9 जून, 1995

प्रसिद्ध समाजवादी और कृषक नेता एन.जी. रंगा का जन्म आन्ध्र प्रदेश के गुंटूर ज़िले में 7 नवम्बर, 1900 ई. को हुआ था। इनका पूरा नाम गोगिनेनी रंगा नायकुलु था। इनके बचपन में ही माता-पिता का निधन हो गया था। इनकी विधवा चाची ने उनका पालन-पोषण किया। गुंटूर में स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद एन.जी. रंगा 'आई. सी. एस.' की परीक्षा देने के उद्देश्य से 1920 में इंग्लैण्ड गए, परन्तु '...

Thursday, November 05, 2020

फिरोजशाह मेहता का जन्म 4 अगस्त 1845  को बंबई (अब मुंबई) के एक संपन्न पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने मुंबई से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी और मुंबई के एल्फिंस्टोन कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी।

साल 1864 में उन्होंने एमए  की परीक्षा उत्तीर्ण की। वे मुंबई से मास्टर्स करने वाले पहले व्यक्ति थे। इसके बाद वे वकालत की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए और 1868 में लॉ की डिग्री हासिल कर भारत वापस लौटे। बाद में...

Sunday, November 01, 2020

देश में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने फिलहाल प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही थोक व खुदरा व्यापारियों के लिए प्याज के भंडारण की नई सीमा भी तय कर दी है। नए नियम के तहत खुदरा व्यापारी जहां 2 टन प्याज का भंडार कर सकते हैं वहीं थोक व्यापारियों के द्वारा भंडारण की सीमा 25 टन निश्चित की गई है। यह तब है जबकि कुछ ही समय पूर्व प्याज सहित अन्य वस्तुओं को आवश्यक वस्तु अधिनियम से बाहर करते हुए इसके भंडारण की अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया गया था। सरकार के इस कदम...

Thursday, October 29, 2020

मोदी सरकार ने कृषि सुधार के लिए जिन दो बिलों को लोकसभा और राज्यसभा से पास करवाया है उसमें एक का संबंध कांट्रैक्ट फार्मिंग यानी अनुबंध खेती से है। सरकार का जहां इसे किसानों विशेषकर छोटे व सीमांत किसानों के लिए फायदेमंद बता रही है वहीं कुछ किसान समूह व राजनैतिक दल इसे एक छलावा बता रहे हैं। उनका कहना है कि नए प्रावधानों के कारण किसान अपनी ही जमीन पर मजदूर बन जाएगा और सारा फायदा कंपनी उठा ले जाएगी। इस विषय पर “आजादी.मी” ने किसानों के देश के सबसे बड़े संगठन शेतकरी संगठन...

Friday, October 02, 2020

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के मुख्य प्रणेता, बापू के नाम से विख्यात राष्ट्रपिता महात्मा गांधी यानी मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था। इस प्रकार यह उनकी 151वीं जयंती है। बापू सत्याग्रह (व्यापक सविनय अवज्ञा) के माध्यम से अत्याचार विरोधी अभियान के अग्रणी नेता थे। उनकी इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धान्त पर आधारित थी। इसी सिद्धांत के आधार पर उन्होंने भारत को आजादी दिलाई और समस्त विश्व को नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के प्रति आन्दोलन के लिये प्रेरित किया।...

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