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Tuesday, February 02, 2021

( 2 फरवरी 1905 - 6 मार्च 1982)

द फाउंटनहेड  १९४३ में अमेरिकी उपन्यासकार आयन रैंड द्वारा लिखित एक अंग्रेज़ी उपन्यास है जो कुछ समीक्षकों के अनुसार विश्व के सबसे प्रभावशाली उपन्यासों में से एक है। मई २००८ तक दुनिया भर में इसकी ६५ लाख से ज़्यादा प्रतियाँ बिक चुकी थीं और अभी भी हर वर्ष इसकी औसतन १ लाख प्रतियाँ बिकती हैं। दर्शन शास्त्र के नज़रिए से यह किताब एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यक्तिवादी कृति मानी जाती है जिसमें...

Saturday, January 30, 2021

पुण्यतिथि विशेष

महात्मा गांधी गाँवों को राष्ट्रीय उत्पादन की सबसे छोटी इकाई के रूप में देखते थे। महात्मा गांधी ने अपने दर्शन को व्यापक जनमानस तक पहुंचाने के लिए अध्यात्म से जोड़ा और राम राज्य का नाम दिया। गांधी के राम राज्य की परिकल्पना में गाँवों का संचालन लोकतांत्रिक तरीके से किये जाने की बात कही जाती थी, जहां शासक लोगों के हित के लिए काम करता था। सभी को समान अवसर प्रदान किए जाते थे, हिंसा की कोई जगह नहीं थी और जहाँ सभी धर्म और मान्यताओं का आदर किया जाता था। गांधी स्पष्ट करते थे कि...

Friday, January 29, 2021

पुण्यतिथि विशेषः

स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख नेता एवं देश के उदारवादी एवं मुक्त आर्थिक नीतियों के समर्थक पीलू मोदी का जन्म 14 नवंबर 1926 में हुआ था। पीलू मोदी, सर होमी मोदी के पुत्र थे जो संयुक्त प्रांत के गवर्नर रह चुके थे। पीलू मोदी के भाई रूसी मोदी टिस्को के चेयरमैन थे। पीलू मोदी ने मुक्त आर्थियों नीतियों का जमकर समर्थन किया और देश की आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु महत्वपूर्ण योगदान भी दिया। वे लोकसभा के सभासद रहे। वर्ष 1975 में आपातकालीन स्थिति के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हे...

Thursday, January 21, 2021

विनम्र श्रद्धांजली (25 जून 1903 - 21 जनवरी 1950)

अंग्रेजी साहित्य के प्रेमचंद कहलाने वाले जॉर्ज ऑरवेल का जन्म 25 जून 1903 को बिहार के मोतिहारी में हुआ था। उनका असली नाम एरिक ऑर्थ ब्लेयर था। उनके पिता का नाम रिचर्ड डब्लू ब्लेयर था और वे ब्रिटिश राज की भारतीय सिविल सेवा के अधिकारी थे। ऑरवेल के जन्म के एक वर्ष बाद ही उनकी मां उन्हें लेकर इंग्लैंड लेकर चली गयीं। सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पिता भी इंग्लैंड लौट गए और ऑरवेल दोबारा...

Saturday, January 16, 2021

- हम अमीर सरकार वाले गरीब देश के निवासी है
- गरीबी उन्मूलन के लिए लाई जाने वाली सरकारी योजनाएं गैरकानूनी और काला धन बनाने का स्त्रोत होती हैं
- यदि समाजवाद के प्रति हमारी सनक बरकार रहती है तो देश का भविष्य अंधकारमय ही रहेगा

16 जनवरी 1920 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) के पारसी परिवार में पैदा हुए पद्मविभूषण नानाभाई अर्देशिर पालखीवाला उर्फ नानी पालखीवाला उदारवादी विचारक, अर्थशास्त्री और उत्कृष्ट कानूनविद्...

Sunday, January 03, 2021

देश की पहली महिला शिक्षक, समाज सेविका, मराठी की पहली कवियित्री और वंचितों की आवाज बुलंद करने वाली सावित्रीबाई का जन्म 3 जनवरी, 1831 को महाराष्ट्र के पुणे-सतारा मार्ग पर स्थित नैगांव में एक दलित कृषक परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम खण्डोजी नेवसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। 1840 में मात्र 9 साल की उम्र में सावित्रीबाई का विवाह 13 साल के ज्योतिराव फुले के साथ हुआ।

सावित्रीबाई का बचपन अनेक चुनौतियों से भरा रहा। उस दौर में...

Thursday, December 31, 2020

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ राजस्थान विधानसभा में तीन कृषि संशोधन विधेयक पारित किए गए हैं जिनका उद्देश्य इन कानूनों के राज्य के किसानों पर असर को निष्प्रभावी करना है। राजस्थान सरकार का कहना है कि इससे किसानों के हितों की रक्षा होगी और उनके लिए न्यूनतम आय सुनिश्चित होगी। लेकिन विधेयकों पर ध्यान देने से पता चलता है कि इसके प्रावधान किसानों की मदद करने की बजाए लंबे समय में उन्हें नुकसान ही पहुंचाएंगे।

संशोधन विधेयक, न्यूनतम...

Thursday, December 24, 2020

उदारवादी विचारक फ्रेडरिक बास्तियात की पुण्यतिथि पर विशेषः

 

फ्रेडरिक बास्तियात का जन्म 30 जून 1801 को फ्रांस के बेयोन में हुआ था और उनका निधन 24 दिसम्बर 1850 को रोम में हुआ था। उनका परिवार एक छोटे से कस्बे मुग्रोन से ताल्लुक रखता था, जहां उन्होंने अपनी जिंदगी का अधिकांश हिस्सा गुजारा और जहां पर उनकी एक प्रतिमा भी स्थापित है। मुग्रोन, बेयोन के उत्तर-पूर्व में एक फ्रांसीसी हिस्से 'लेस लेंडेस' (Les Landes) में स्थित है।...

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