भ्रष्टाचार न्रियंत्रण में बिहार की पहल

आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपित निलंबित बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी एस  एस वर्मा के पटना स्थित घर को जिला प्रशासन ने हाल मे सील कर दिया.  सरकार इसमें स्कूल खोलने की तैयारी में है. इस तरह पहली बार भ्रष्टाचार के आरोपित किसी अधिकारी की संपत्ति को जब्त किया गया है. यह कार्रवाई बिहार विशेष न्यायालय (स्पेशल कोर्ट्स एक्ट 2009)  अधिनियम के तहत की गई है.

श्री वर्मा पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने आय से अधिक संपत्ति (डी ए) का मुकदमा दर्ज किया था. सन 2007 को उनके ठिकानों पर छापे के दौरान सिर्फ उनके लाकर से नौ किलो सोना मिला था. उन पर डेढ़ करोड़ रूपये की अवैध सम्पत्ति अर्जित करने का आरोप है. छापामारी के दौरान वर्मा लघु सिंचाई विभाग के सचिव थे तथा इससे पहले भी वे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके है. निगरानी की  विशेष अदालत ने इस मामले मे स्पेशल कोर्ट्स एक्ट के तहत श्री वर्मा की सम्पत्ति जब्त करने का निर्णय सुनाया था.

उन्होंने इस फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी पर वहा भी उन की अपील हाल मे खारिज हो गयी जिस के बाद बिहार सरकार ने वर्मा के तीन मंजिला मकान को जब्त कर अपनी संपत्ति घोषित कर दिया. स्पेशल कोर्ट्स एक्ट की व्यवस्था के मुताबिक श्री वर्मा पर न सिर्फ भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई होगी, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति को जब्त किया जायेगा. ऐसा कानून केवल बिहार में लागू है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में इस कदम का दूरगामी प्रभाव पड़ेगा. इसमें सामाजिक परिवर्तन की गुंजाइश दिखती है. लोगों की सोच में बदलाव आयेगा तथा अब कोई भी भ्रष्ट अधिकारी गलत तरीके से संपत्ति अर्जित करने से पहले सोचेगा. नीतीश ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों की संपत्ति जब्त करने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा. उन्होने कहा कि ऐसी संपत्तियों को जब्त कर हम स्कूल खोलेंगे और उसका सार्वजनिक उपयोग होगा.

एक तरफ जहां भ्रष्टाचार के लिए देश भर में व्यापक आन्दोलन चलाया जा रह रही, वहीँ बिहार की राजग सरकार ने ये कदम उठा कर एक बेहतरीन उदहारण पेश किया है. गौरतलब है कि बिहार का स्पेशल कोर्ट्स एक्ट जैसा प्रावधान और किसी भी राज्य में नहीं है. ये साबित करता है कि अगर सरकार ठान ले तो दोषी को दंड देना असंभव नहीं है. बिना जनलोकपाल के भी, हमारी संवैधानिक व्यवस्था का नीतिगत इस्तेमाल कर के हम भ्रष्ट अधिकारियों को सीधा कर सकते हैं. प्रशंसनीय है कि जहां बिहार एक समय में सिर्फ ग़लत कारणों की वजह से जाना जाता था, वहाँ आज ऐसी मिसाल कायम हुई है जो बाकी राज्यों के लिए भी प्रेरणा का विषय बनेगी.

- स्निग्धा द्विवेदी