सरकार ने माना, बांस पेड़ नहीं घांस है

वैज्ञानिक तौर पर यह सिद्ध हो चुका है कि बांस, पेड़ नहीं बल्कि घांस की एक प्रजाति है। भारत दुनिया में बांस का सबसे बड़ा उत्पादक देश है इसके बावजूद अगरबत्ती की तीलियों सहित बांस से बनने वाले अन्य उत्पादों के निर्माण के भारत दुनिया में सबसे अधिक बांस का आयात भी करता है। कारण यह कि बांस के पेड़ के रूप में वर्गीकृत होने के कारण इसके काटने पर रोक है। बांस के उत्पादन और इसे काटने की अनुमति मिल जाने पर बड़ी आबादी बेरोजगारी के जंजाल से मुक्त हो सकती है। साथ ही इससे अर्थव्यवस्था में लगभग 1000 करोड़ रूपए का योगदान हो सकता है..। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांस के उत्पादन और काटने पर लगे प्रतिबंध को हटाने की घोषणा की है..