अनिल पांडेय, जगदीश पंवार व अतुल चौरसिया को पहला आजादी पत्रकारिता पुरस्कार

- 8 जनवरी को दिल्ली के पांच सितारा होटल में आयोजित समारोह के दौरान किए गए सम्मानित

- एटलस ग्लोबल इनिसिएटिव के वाइज प्रेसिडेंट टॉम जी. पॉमर ने ट्रॉफी प्रदान कर किया सम्मानित

सेंटर फॉर सिविल सोसायटी, एटलस नेटवर्क व आजादी डॉट मी के संयुक्त तत्वावधान में पहले आजादी हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। बुधवार 8 जनवरी को राजधानी के पांच सितारा होटल, द ललित में आयोजित इस शानदार समारोह में द संडे इंडियन पत्रिका के अनिल पांडेय, तहलका पत्रिका के अतुल चौरसिया व सरिता पत्रिका के जगदीश पंवार को उनकी रिपोर्ट के लिए पहले आजादी हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। तीस देशों से आए दो सौ से अधिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एटलस ग्लोबल इनिसिएटिव के वाइज प्रेजिडेंट टॉम जी. पॉमर द्वारा विजेताओं को चमचमाती ट्रॉफी प्रदान की गई।

विदित हो कि, आजादी हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार की शुरुआत अपनी लेखनी व पत्रकारिता कौशल की सहायता से समाज में आजादी के महत्व व इसे सीमित करने के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने वाले हिंदी जनमाध्यमों के पत्रकारों को सम्मानित करने के उद्देश्य से किया गया है। अतुल चौरसिया को यह पुरस्कार तहलका पत्रिका में प्रकाशित “ग्राम गुरू” शीर्षक के तहत प्रकाशित रिपोर्ट के लिए दिया गया। महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित मेढ़ा गांव वासियों को बांस काटने और उसकी खरीद बिक्री का अधिकार प्राप्त होने के बाद वहां आयी खुशहाली पर आधारित यह रिपोर्ट ज्यूरी द्वारा काफी सराही गई। अनिल पांडेय को यह पुरस्कार बड़ी तादात में गुमशुदा होते बच्चों की समस्या पर आधारित “गुमशुदगी के अंधेरे” शीर्षक के तहत प्रकाशित खबर के लिए प्रदान किया गया। वहीं जगदीश पंवार को पाकिस्तानी युवती मलाला युसूफजई के माध्यम से महिला शिक्षा को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता और महत्व पर आधारित स्टोरी के लिए आजादी पुरस्कार प्रदान किया गया। पंवार को यह पुरस्कार सरिता पत्रिका में “तालीबानों के खिलाफ मलाला की मुहीम” शीर्षक के तहत प्रकाशित उनकी रिपोर्ट के लिए प्रदान किया गया।

तमाम पत्रकारों व मीडिया कर्मियों की उपस्थिति में आयोजित इस पुरस्कार समारोह के दौरान एटलस नेटवर्क के वाइज प्रेजिडेंट टॉम जी. पॉमर ने सभी पुरस्कृत पत्रकारों को शुभकामनाएं दीं।