प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बताएं हमारे फोन काम क्यों नहीं करते!

जन्मदिन मुबारक पीलू मोदी

स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक पीलू मोदी एक उदारवादी चिंतक और राजनेता थे। वह शरीर से भारी भरकम और थुलथुले थे लेकिन बहुत ही खुशमिजाज और हाजिर जवाब थे। उन्होंने मोटे और थुलथुले सांसदों का एक भीम क्लब बना रखा था और स्वयं को उसका अध्यक्ष कहते थे। धीरे धीरे जब मोटे सांसदों की संख्या सदन में कम होने लगी तो एक बार प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पीलू मोदी से भीम क्लब की प्रगति के बारे में पूछा। इस पर पीलू मोदी ने तपाक से कहा कि आपकी पार्टी ने दुबले-पतले और भूखे लोगों को टिकट देकर मेरे क्लब को खत्म करवा दिया है।

ऐसा ही एक वाक्या तब का है जब कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद प्याज की कीमतें असमान्य रूप से बढ़ने लगी। विरोध स्वरूप सांसद रामेश्वर सिंह एक दिन प्याज की माला पहन कर सदन में चले गये। वे माला अन्य सदस्यों को दिखाकर उनका ध्यान इस मुद्दे की तरफ आकर्षित करने लगे।

इस पर कांग्रेस के एक सदस्य ने रामेश्वर सिंह को जूता निकाल कर दिखाना शुरू कर दिया। इस पर पीलू मोदी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अध्यक्ष महोदय देखिए, प्याज खाने वाला प्याज दिखा रहा है और जूता खाने वाला जूता दिखा रहा है। सारा माहौल हंसी ठहाके से गूंज उठा।

एक बार सांसद पीलू मोदी पर सदन के अध्यक्ष के अनादर का मामला चला। हुआ यूं कि किसी मुद्दे पर पीलू के भाषण को अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया। विरोध स्वरूप पीलू अपनी सीट पर पीछे की तरफ मूंह कर बैठ गए। इस पर उनकी आलोचना होने लगी और इसे सदन का अपमान माना गया। शारीरिक ऱूप से भारी भरकम मोदी ने अपना बचाव कुछ यूं किया – महोदय, मैं आगे मूंह कर बैठूं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मेरा न तो आगा है न पीछा। मैं बस गोल मटोल हूं। और बात आई गई हो गई।

एक बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अब्दुल रहमान अंतुले पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर सदन में चर्चा चल रही थी। तब सांसद पीलू मोदी ने अपने शायराना अंदाज में ये पंक्तिया सुनाई जो लोगों की जुबान पर चढ़ गई – इधर से ले या उधर से ले, जिधर से मिले उधर से ले, अब्दुल रहमान अंतुले

पीलू मोदी बहुत हाजिर जवाब आदमी थे और लोगों को बहुत हंसाते रहते थे। वे अपने विचारों से उदारवादी और अमेरिकी व्यवस्था के से सहानुभूति रखनेवाले थे। कांग्रेस अक्सर उनपर वाशिंगटन भक्त होने का आरोप लगाती थी। उन्हें विदेशी एजेंट तक बुलाया जाता था। एक बार किसी विषय पर चर्चा होनी थी और पीलू को पता था कि उनके विचारों के कारण लोग एक बार फिर उन्हें विदेशी एजेंट कहकर पुकारेंगे। इसलिए वे गले में एक तख्ती लटकाए सदन में आ गए जिस पर लिखा हुआ था कि- मैं सीआईए का एजेंट हूं। अन्य सदस्यों के विरोध पर अध्यक्ष ने उन्हें तख्ती उतारने का आदेश दिया। उन्होंने तख्ती उतार दी और कहा कि - अब मैं सीआईए का एजेंट नहीं रहा।

पीलू मोदी की अंग्रेजी भाषा पर जबरदस्त पकड़ थी। एक बार एक कांग्रेसी सांसद जेसी जैन ने पीलू मोदी को तंग करने की ठान ली। वह लगातार पीलू मोदी के भाषण के बीच में टोका टाकी कर रहे थे। पीलू मोदी को भी गुस्सा आ गया। वे चिल्लाए – स्टॉप बार्किंग यानि कि भौंकना बंद करो। इस पर जैन खड़े हो गए और लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए बोले- “महोदय यह मुझे कुत्ता कह रहा है जो असंसदीय भाषा है।“ अध्यक्ष हिदायतुल्ला ने रजामंदी जाहिर करते हुए हुक्म दिया - "यह रिकार्ड में नहीं जाएगा”। पर पीलू मोदी भी नहीं माने। उन्होंने प्रति उत्तर दिया – ओके, देन स्टॉप ब्रेइंग यानि कि ठीक है फिर रेंकना (गधे की आवाज) बंद करो। जैन को इस शब्द का अर्थ नहीं पता था इसलिए उन्होंने कोई विरोध नहीं किया और वह सदन की रिकार्ड में आ गया। सदैव के लिए।

जब भारत ने अपना पहला उपग्रह छोड़ा तो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और वैज्ञानिकों को बधाई देने के लिए भाषण दिए। पीलू मोदी ने भी दोनों को भरपूर बधाई दी। उसके बाद श्रीमती गांधी की ओर घूम कर कहा- -मैडम प्राइम मिनिस्टर, हमारे वैज्ञानिकों ने तकनीक के क्षेत्र में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। यदि आप इस बात पर प्रकाश डालें कि हमारे फोन क्यों नहीं काम करते तो मै बड़ा एहसान मानूंगा।

- आजादी.मी

Photo Courtesy: Mid day