आरटीईः कानून पास, छात्र फेल

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आठवीं कक्षा तक के बच्चों को फेल नहीं किया जा सकता है. ऐसे में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हालत इतनी खराब है कि जब वही बच्चे नौवीं कक्षा में पहुंचते हैं, तो उनमें से 50 फीसदी फेल हो जाते हैंः आजतक
 
बजट प्राइवेट स्कूलों के राष्ट्रव्यापी संगठन, नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल असोसिएशन (निसा) के अध्यक्ष आर.सी. जैन द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जुटाई की गई सूचना के मुताबिक दिल्ली के अधिकांश सरकारी स्कूलों के 9वीं के छात्र अगली कक्षा में जाने के लिए आवश्यक न्यूनतम अर्हता भी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। 
 
आर.सी. जैन का मानना है कि ऐसा शिक्षा के अधिकार कानून में शामिल एक प्रावधान की वजह से हो रहा है। उनका कहना है कि आरटीई में एक प्रावधान कक्षा 8 तक बच्चों को फेल न करने का भी है। इस प्रावधान के चलते बच्चे किसी तरह 8वीं कक्षा पास कर लेते हैं, लेकिन असली चुनौती तब शुरू होती है जब वे 9वीं कक्षा में दाखिला लेते हैं। चूंकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर इतना निम्न होता है कि छात्रों को बेसिक एजुकेशन भी प्राप्त नहीं हो पाता है। दूसरी तरफ अध्यापकों का उद्देश्य भी उन्हें किसी प्रकार अगली कक्षा में प्रोन्नत कर देना भर होता है, जिससे छात्रों का भविष्य चौपट हो रहा है।
 
निसा अध्यक्ष द्वारा जुटाई गई इस अहम जानकारी पर प्रमुख न्यूज चैनल आजतक ने विशेष स्टोरी तैयार की है जिसका हाल ही में प्रसारण भी किया गया।
 
पूरी वीडियो स्टोरी निम्न प्रदर्शित लिंक पर देखी जा सकती है...