भारतीय शिक्षा में हिंदी बनाम अंग्रेजी

सिर्फ शिक्षा नहीं गुणवत्तायुक्त शिक्षा आज अभिभावकों की प्राथमिकता सूची में सर्वोपरि है। अपने बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अभिभावक अपनी आय का बड़ा हिस्सा स्कूली शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं। अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि का समुचित ज्ञान हासिल करें ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके जबकि तमाम सरकारी व गैरसरकारी शोध बताते हैं कि सरकारी स्कूलों के 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे 3सरी व 5वीं कक्षा की हिंदी व अंग्रेजी की सामान्य पाठ्यपुस्तक को पढ़ने में सक्षम नहीं हैं। दो अंकों के जोड़ व घटाव करने में भी वे असक्षम हैं.. ऐसे में छात्रों का अंग्रेजी बनाम हिंदी ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है..।

वीडियो साभारः लोकसभा टीवी