समाजवाद और साम्यवाद का लक्ष्य एक ही हैः रैंड

रूस में पैदा हुई विख्यात अमेरिकी उपन्यासकार, दार्शनिक, नाटककार व 'द फाउंटेनहेड (1943)', 'एटलस श्रग्ड (1957)' आदि जैसे बेस्ट सेलर की रचइता 'आयन रैंड' [2 फरवरी 1905 - 6 मार्च, 1982] की कल अर्थात 2 फरवरी को 111वां जन्मदिवस था। उनके एक प्रसिद्ध कथन को याद करते हुए इस महान उदारवादी चिंतक को हमारी श्रद्धांजलि..
"साम्यवाद और समाजवाद दोनों का अंतिम लक्ष्य एक ही है, इंसान को अपना दास बनाना। फिर भी उनके बीच एक फर्क भी है। साम्यवाद इंसान को ताकत के बल पर दास बनाता है जबकि समाजवाद उसे वोट के बल पर। यह फर्क महज उतना ही है जितना कि हत्या और आत्महत्या के बीच का फर्क"- आयन रैंड