पास फेल का खेल

शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के एक अहम प्रावधान 'नो डिटेंशन पॉलिसी' को जारी रखने, समाप्त करने या फिर 5वीं कक्षा तक सीमित करने, 10वीं में बोर्ड परीक्षा को दुबारा कम्पलसरी किए जाने, लर्निंग आऊटकम निर्धारित करने जैसे मुद्दे पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री सहित तमाम राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ सेंट्रल एडवाइज़री बोर्ट ऑफ एजुकेशन (CABE) ने 25 अक्टूबर 2016 को एक बैठक की। बैठक में नो डिटेंशन अर्थात 8वीं कक्षा तक फेल न करने की नीति में बदलाव पर सहमति बनी। इसके अलावा 10वीं में बोर्ड की परीक्षा को फिर से कम्पलसरी करने का भी निर्णय लिया गया। इसी मुद्दे पर 'सीएनबीसी आवाज' चैनल ने पैनल डिस्कशन का आयोजन किया। डिस्कशन के दौरान मौजूद सभी पैनलिस्टों ने एक सुर में यह स्वीकार किया कि सरकार ने नो डिटेंशन का मतलब छात्रों का किसी भी प्रकार के मूल्यांकन न करना समझ लिया, जबकि आरटीई भी छात्रों के समय समय पर मूल्यांकन की बात कहती है।