तीखी मिर्ची

  • दाखिले का 'मौसम' नजदीक आते ही समस्त सरकारें निजी स्कूलों की कथित 'मनमानी' को रोकने के लिए कमर कस लेती हैं। तमाम जतन किए जाते हैं, फिर भी अभिभावकों की भीड़ निजी स्कूलों के बाहर लाइन लगाकर खड़ी रहती है। उधर, सरकारी स्कूलों में छात्रों को मध्याह्न भोजन,
  • इन दिनों देश में राजनैतिक व सामाजिक धड़ों के बीच एक अजीब सी होड़ मची है। यह होड़ है स्वयं को संविधान निर्माता डा.
  • सरकारें जनता से एक एक पैसे का हिसाब तो चाहती हैं लेकिन जब जवाबदेही और पारदर्शिता की बात राजनैतिक दलों के ऊपर आती है तो वे किसी न किसी तरीके से इससे बचने का तरीका ढूंढ लेती हैं। सत्ता पक्ष और वि

  • भारत सरकार ने लघु उद्यमियों, किसानों आदि के हितों के नाम पर देश के निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था। बैंकिंग कम्पनीज़ (एक्वीज़ीशन एंड ट्रांसफर ऑफ अंडरटेकिंग्स) 1969 नामक आर्डिनेंस लाकर 14 बड़े कम

  • फ्रेंच चिंतक व पत्रकार फ्रेडरिक बास्तियात ने अपनी पुस्तक 'द लॉ' में कानून सम्मत लूटखसोट को बेहद आसान तरीके से स्पष्ट करते हुए लिखा है कि नागरिकों की निजता, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा से संबंधित

  • वोटबैंक का मुद्दा सभी मुद्दों पर भारी पड़ता है। अब हाल ही में मुंबई के कमला मिल कम्पाऊंड स्थित 'वन अबव' और 'मोजोज़ बिस्त्रो' पब में आग लगने की घटना का ही उदाहरण लेते हैं। भाजपा सांसद व अभिनेत्री हेमा मालिनी ने घटना का कारण बढ़ती जनसंख्या बताते हुए शह

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