आई-पॉलिसी

खुशखबरी!! ipolicy वर्कशॉप में आवेदन करने से चुक गए पत्रकारों के लिए सुनहरा मौका। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2017 से बढ़ाकर 5 जून 2017 कर दी गई है। जल्दी करें आवेदन का यह अंतिम मौका हाथ से निकल न जाए.. अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें http://azadi.me/ipolicy-for-journalists-naukuchiatal पूर्व में आयोजित ipolicy वर्कशॉप से संबंधित तस्वीरों को देखने के लिए क्लिक करें... https://www.facebook.com/pg/www.azadi.me/photos/?tab=albums
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क्या आप जानते हैं?
भीषण प्रदूषण से प्रभावित एक देश ने लोगों को प्रदूषण फैलाने से रोकने की बजाए उन्हें पर्यावरण प्रदूषित करने का अधिकार देकर समस्या पर काबू पाया..
क्या आप जानते हैं?
लगातार विलुप्त होते जानवरों को बचाने के लिए एक देश ने लोगों को जानवरों को मारने की छूट दे दी। आज वे जानवर भारी तादात में उस देश में मौजूद हैं..
क्या आप जानते हैं?

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सेंटर फार सिविल सोसायटी (सीसीएस), फ्रेडरिक न्यूमैन फाऊंडेशन (एफएनएफ) व आजादी.मी के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए जयपुर में आई-पालिसी (हिंदी) कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। 22-24 नवंबर 2013 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय (दो रात, तीन दिन) आवासीय कार्यक्रम के दौरान लोकनीतियों, इसके उद्देश्यों व इसके आर्थिक, सामाजिक व राजनैतिक प्रभावों पर परिचर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम पत्रकारों को खबर खोजने तथा घटनाओं और परिस्थितियों के तीक्ष्ण विश्लेषण के लिए नई दृष्टि प्रदान करेगा।

पूंजीवाद, बाजारवाद और पूर्ण प्रतियोगिता की अवधारणा ही एक ऐसा सिद्धांत है जिसे अपनाकर कोई भी देश एक साथ सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक समस्याओं सहित सभी समस्याओं से न केवल निजात पा सकता है बल्कि तरक्की और विकास के मार्ग पर भी अग्रसर हो सकता है। देश की तंगहाल आर्थिक स्थिति से निराश जनता और बाजार ने नब्बे की दशक में ऐसे अप्रत्याशित विकास को प्राप्त कर इसकी अनुभूति भी कर चुकी है। लेकिन वर्तमान समय में इरादतन अथवा गैर इरादतन ढंग से बाजार से प्रतियोगिता की स्थिति बनाने की बजाए इसे और हतोत्साहित किया जा रहा है जिसका परिणाम महंगाई, मुद्रा स्फिति आदि जैसी समस्याओं के रूप में हमारे साम

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