रिक्शा

दिल्ली से सटे नोएडा स्थित एक निजी स्कूल की कक्षा दो की छात्रा रिम्पी (परिवर्तित) बीते दिनों स्कूल से घर लौटते ही एक नयी जिद पकड़ कर बैठ गई। कहने लगी कि कल से मैं स्कूल रिक्शा से नहीं बल्कि जाउंगी बल्कि स्कूल वैन या स्कूल बस से जाउंगी। रिम्पी की मां श्वेता (परिवर्तित) को लगा कि रिम्पी हमेशा की भांति थोड़ी ही देर में यह जिद भी भूल जाएगी, लेकिन रिम्पी थी कि मानने को तैयार ही नहीं हो रही थी। थककर श्वेता ने रिम्पी की बात मान ली और उसे स्कूल वैन अथवा स्कूल बस से भेजने को राजी हो गई। लेकिन उन्होंने रिम्पी से पहले इस जिद का कारण बताने को कहा। दरअसल, रिम्पी का घर स्कूल के पास ही ह