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कुछ दिनों पहले खबर थी कि केंद्र सरकार ने बजट में 2.80 लाख कर्मचारियों की भर्ती का प्रावधान किया है। यह प्रधानमंत्री के इस वादे के खिलाफ है कि उनके नेतृत्व में कम सरकार, अधिक शासन मूल मंत्र रहेगा। मैंने भोलेपन में इसका यह अर्थ लगाया कि यह मेरी, आपकी और आम नागरिकों की जिंदगी को अधिक आसान बना देगा, जो नियमों की भूल-भुलैया में से राह निकालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछले दशकों में अधिकांश भारत को चलाने वाली सुस्त और विशाल नौकरशाही में पर्किंसन्स लॉ (नौकरशाही की अनियंत्रित वृद्धि) के साथ नियम-कानून भी खरगोशों की तरह तेजी से बढ़ते चले गए।