भारी भरकम खर्च

आज देश में शिक्षा की दुर्दशा को लेकर दबी जुबान में बोलने का कोई फायदा नहीं है। दरअसल हालात बहुत बिगड़ गए हैं। दो टूक में कहें तो इसके लिए जिम्मेदार हैं स्कूल और शिक्षक जिनमें जिम्मेदारी का सर्वथा अभाव रहा है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था पर छिटपुट प्रहार करने से काम नहीं बनेगा। लेकिन भारत में शिक्षा माफिया और इनकी लॉबी इतनी मजबूत है कि इसे आड़े हाथों लेना बहुत कठिन है और नई शिक्षा नीति (एनईपी) के कर्णधार यह बखूबी जानते हैं और इससे इनकार भी नहीं कर सकते। ऐसे में शिक्षा क्षेत्र में जिम्मेदारी को लेकर जो आमूल परिवर्तन जरूरी हैउसके विरोध में मौजूदा श