मूल्यांकन

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से हाल ही में दिल्ली सरकार द्वारा ‘चुनौती 2018’ कार्यक्रम की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम के तहत छठी से नौवीं कक्षा के छात्रों के सीखने की क्षमता का मूल्यांकन (लर्निंग असेसमेंट) कराने का कार्य किया गया। मूल्यांकन का परिणाम ठीक वैसा ही रहा जैसा कि अपेक्षित था। छठीं कक्षा के 74 फीसदी छात्र धारा प्रवाह हिंदी की किताब पढ़ने में और साधारण वाक्य लिखने भी असमर्थ पाए गये। हालांकि यह परिणाम कहीं से भी चौंकाने वाला नहीं साबित हुआ। अर्थात यह वह परिणाम था जिससे ज्यादा की अपेक्षा आमतौर पर सरकारी स्कूलों की शिक्षा की ग

एक प्रावधान को लेकर 'शिक्षा का अधिकार' कानून एक बार पुन: चर्चा में है। इसबार बहस इसबात पर हो रही है कि आरटीई के आर्टिकल 30(1) में दिए गये 'नो डिटेंशन' नीति में बदलाव किया जाय अथवा नहीं! सबसे पहले तो यह समझते हैं कि आरटीई का आर्टिकल 30(1) क्या कहता है ?