सांड

वक्त के साथ-साथ तौर-तरीके बदलते हैं, जरूरते बदलती हैं और उन्हीं के मुताबिक कानून-कायदे भी। वक्त की वजह से पीछे छूट जाने वाले अतीत अथवा संग्रहालय का हिस्सा हो जाते हैं। उनके बारे में जानना व देखना अच्छा लगता है, लेकिन ऐसे पुरातन कानून जिनका अब मतलब नहीं रह गया है, फिर भी वे वजूद में हैं। उनके बारे में आप क्या कहेंगे?