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प्राइवेट स्कूल प्रत्येक वर्ष फीस में कुछ न कुछ बढ़ोतरी अवश्य करते हैं। बच्चों को मिलने वाली गुणवत्ता युक्त शिक्षा के ऐवज में आमतौर पर अभिभावकों यह स्वीकार्य भी होता है। हालांकि, हाल फिलहाल में अलग अलग मदों में होने वाली फीस वृद्धि को अनापेक्षित व अनावश्यक बताते हुए अभिभावकों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। वे अब सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने लगे हैं।

- पॉलिसी रिव्यू कमेटी का गठन कर बजट प्राइवेट स्कूलों के समक्ष उत्पन्न होने वाली कई समस्याओं का करेंगे समाधान
- दिल्ली के निजी स्कूलों ने अव्यवहारिक ‘लैंड नॉर्म्स’ के कारण पैदा हुई समस्याओं से उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को कराया था अवगत

बजट प्राइवेट स्कूलों की अखिल भारतीय संस्था नीसा (नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलाएंस) माननीय दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले के दौरान मैनेजमेंट कोटा की बहाली के आदेश का स्वागत करती है। ऐसा लगातार दूसरी बार है जब हाईकोर्ट ने दिल्ली के गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों की स्वायतता पर मुहर लगाई है। दिल्ली सरकार को चाहिए कि अदालत के आदेशानुसार वह निजी स्कूलों को संविधान के अनुच्छेद 19(1)g के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का सम्मान करे। सरकार से अनुरोध है कि वह निजी स्कूलों के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने की बजाए सरकारी स्कूलों में शिक्षण प्रशिक्