NITI Ayog

क़ानून क्या है? इस बारे में ऑस्टिन का कथन है कि क़ानून संप्रभु की आज्ञा है। राज्य के सन्दर्भ में अगर बात करें तो राजतंत्र वाली व्यवस्था में राजा का आदेश ही क़ानून होता था। शासन की लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी क़ानून की परिभाषा कमोबेस वही है। सवाल है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में क़ानून लोकहित के लिए हैं या लोकहितों को ही क़ानून के मापदंड पर रखकर देखना होगा?

वर्ल्ड बैंक ने सोमवार को इज ऑफ डूइंग बिजनेस यानी व्यापार सुगमता सूचकांक पर रिपोर्ट जारी की़। रिपोर्ट के मुताबिक उद्योग-व्यवसाय के लिहाज से सुगमता वाले राज्यों की सूची में गुजरात शीर्ष पर है, जबकि आंध्र प्रदेश दूसरे स्थान पर, झारखंड तीसरे, तो छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर है़। यानी इन राज्यों में उद्योग-व्यवसाय लगाना-चलाना सबसे आसान है। रिपोर्ट में प बंगाल को 11 वां, तो बिहार को 21 वां स्थान मिला है़ इज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में दिल्ली, पंजाब, केरल और गोवा फिसड्डी साबित हुए हैं।
 
Author: 
बिबेक देबरॉय