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सभी बच्चोँ को निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए लाए गए अधिनियम ‘फ्री एंड कम्पल्सरी एजुकेशन एक्ट-2009’, जिसे आमतौर पर आरटीई एक्ट के नाम से भी जाना जाता है, की खामिया अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगी हैं।

पर्यावरण संबंधी तमाम अध्ययन देश में जल प्रदूषण के दिनोंदिन भयावह होते जाने के बारे में चेताते रहते हैं। अब सीएजी यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने भी इस बारे में आगाह किया है। पर्यावरणविदों की चेतावनियों की बराबर अनदेखी की गई है। इसलिए स्वाभाविक ही सवाल उठता है कि क्या सीएजी की इस रिपोर्ट को हमारी सरकारें गंभीरता से लेंगी! संसद में पेश सीएजी की ताजा रपट देश में जल प्रदूषण की भयावह स्थिति के लिए सरकार को फटकार लगाते हुए बताती है कि हमारे घरों में जिस पानी की आपूर्ति की जाती है, वह आमतौर पर प्रदूषित और कई बीमारियों को पैदा करने वाले जीवाणुओं से भरा होता है।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कुछ दिन पूर्व एक विशेष रिपोर्ट जारी की है| इस रिपोर्ट में उसने इंडियन एयरलाइंस के 111 नए विमानों के सौदे की फजीहत कर दी है| ये सौदा काफी साल खींचा गया  और अब कैग ने उस पर अपनी नज़रे तिरछी की हैं|

इस रिपोर्ट में एयर इंडिया एवं इंडियन एयरलाइन्स के विलय के मुद्दे सहित कई और मुद्दे जैसे सौदे में खरीदे जाने वाली विमानों की संख्या, इसमें लग रहा लम्बा समय, क़र्ज़ लेकर विमान खरीदने के निर्णयों की आलोचना की गयी है| मुख्यतः इस रिपोर्ट में इस पूरे सौदे में हुई हेराफेरी की खूब खिंचाई की गयी है|

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