रूपया

भारत में बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाने वाले दीपावली के त्यौहार को मनाने के मुख्यतः दो कारण हैं। पहला कारण, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार लंकापति रावण का संहार कर अयोध्या के राजा राम, भाई लक्ष्मण व पत्नी सीता के साथ अपने राज्य वापस लौटे थे। पुष्पक विमान से रात के अंधेरे में अयोध्या पहुंचे राम के स्वागत के लिए अयोध्यावासियों ने घर के बाहर दिए जलाए और रौशनी कर विमान को यथास्थान उतरने की राह दिखाई। कालांतर में यह उस घटना को याद करने और खुशी मनाने की परंपरा के तौर पर प्रचलित हुआ। दूसरा कारण, धन, सुख और समृद्धि की देवी लक्ष्मी की पूजा अर्चना कर धनार्

डॉलर के मुकाबले रूपया अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। सरकार और नीति निर्धारकों द्वारा रूपये को गिरने से बचाने के लिए तमाम कृत्रिम जतन किए जा रहे हैं लेकिन इससे रूपए की सेहत पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है। उधर, विभिन्न दलों के बीच इस बाबत राजनीति भी जम कर हो रही है। रूपए की इस हालत के लिए सभी एक दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं। देखें एक मजमून: 

 

Category: